कोरियर के माध्यम से 5 महीने पूर्व आए 87 नग मोबाइल को ट्रक ड्राइवर ने अंबिकापुर बस स्टैंड से कर दिया था पार
अंबिकापुर. पांच माह पूर्व प्रतीक्षा बस स्टैंड से अज्ञात व्यक्ति ने रायपुर से आए ओप्पो कम्पनी का मोबाइल से भरा कॉर्टून पार कर दिया था, इसमें 87 नग मोबाइल थे। पुलिस ने मामले में रायपुर के ट्रांसपोर्ट एवं वेयर हाउसिंग व्यवसायी की शिकायत पर जुर्म दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उत्तरप्रदेश के एटा जिले से एक ट्रक चालक को २१ नग मोबाइल सहित गिरफ्तार किया। मामले में एक आरोपी अभी भी फरार है।
गौरतलब है कि 4 जुलाई को रायपुर के ट्रांसपोर्ट एवं वेयर हाउसिंग का कारोबार करने वाले गीतांजली नगर निवासी ४७ वर्षीय अजय गोयल पिता रामबिलास द्वारा ओप्पो कम्पनी का मोबाइल हैंडसेट का 9 कॉर्टून बस के माध्यम से कोरियर द्वारा भेजा गया था। लेकिन जब अंबिकापुर में कॉर्टून का मिलान किया गया तो उसमें से एक कॉर्टून कम था।
इस कॉर्टून में ओप्पो कंपनी के ८७ नग मोबाइल थे, जिसकी कीमत लगभग १२ लाख रुपए थी। अजय गोयल की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने १२ जुलाई को अज्ञात के खिलाफ धारा 406 का जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। मामले की जानकारी आईजी हिमांशु गुप्ता को हुई तो उन्होंने एसएसपी आरएस नायक, एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू व सीएसपी आरएन यादव को मामले की विवेचना के निर्देश दिए।
एसएसपी के मार्गदर्शन में कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल व क्राइम ब्रांच व साइबर सेल प्रभारी एएसआई विनय सिंह ने विवेचना शुरू की। मामले में साइबर सेल की टीम ने तकनीकी संसाधनों के माध्यम से गायब मोबाइलों का लोकेशन ट्रेस किया। साइबर सेल व पुलिस द्वारा जितने भी मोबाइल का लोकेशन ट्रेस किया जा रहा था, उसमें से अधिकांश मोबाइल दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, चंडीगढ़ व ओडीशा में उपयोग किए जा रहे थे।
अन्य प्रदेशों में उपयोग किए जाने की वजह से पुलिस को विवेचना में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी। इसी दौरान साइबर सेल को एक मोबाइल का लोकेशन अंबिकापुर में दिखा। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मोबाइल धारक ट्रक ड्राइवर उत्तरप्रदेश कानपुर के एटा निवासी बबलू यादव को पकड़कर पूछताछ की। उसने बताया कि उसकी कम्पनी में ट्रक चलाने का काम करने वाले उत्तरप्रदेश के जिला एटा थाना मलावन थरौली निवासी कमलेश यादव पिता स्व. रोशन सिंह ने कुछ दिनों पूर्व दिया था।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछने पर उसने बताया कि कमलेश यादव पिछले कुछ दिनों से ट्रक चलाना छोड़कर घर बनवा रहा है। उसके पास काफी संख्या में महंगे मोबाइल है, जिन्हें वह बिक्री कर रहा है। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने कमलेश यादव को उसके गृह ग्राम थरौली से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने अलग-अलग जगह पर दबिश देकर 21 नग मोबाइल भी बरामद किया। कार्रवाई में कोतवाली टीआई व साइबर सेल प्रभारी के साथ एसआई सुरेशचंद्र मिंज, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, आरक्षक विरेन्द्र पैकरा, अंशुल शर्मा, अभय चौबे व असलम खान शामिल थे।
भांजे को बेची 66 नग मोबाइल
आरोपी ट्रक ट्राइवर ने बताया कि ६६ नग मोबाइल उसने अपने मुंहबोले भांजे मलावन निवासी परमेन्द्र सिंह पिता राजेन्द्र सिंह को 3.50 लाख रुपए में बेच दिया है, जो उसके पास है। पुलिस परमेन्द्र सिंह को गिरफ्तार करने उसके घर भी गई। लेकिन पुलिस के आने की सूचना उसे हो गई थी। पुलिस को उसने बताया कि वह परमेंन्द्र सिंह से 2.50 लाख रुपए लेकर घर बनाने का काम भी शुरू कर दिया था। शेष 1 लाख रुपए उसे लेना था।
आईजी ने की 15 हजार रुपए पुरस्कार की घोषणा
आईजी ने मोबाइल चोरी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी करने व हैंडसेट बरामद करने पर टीम को 15 हजार रुपए देने की घोषणा की है। एसएसपी आरएस नायक ने बताया कि शेष मोबाइल बरामद करने व आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम उत्तरप्रदेश भेजी जाएगी।