जीत के बाद वादा नहीं निभाने से इस चुनाव से पूर्व लोगों में गहरी नाराजगी, हो सकता है तख्ता पलट
अंबिकापुर/रामानुजनगर. प्रेमनगर विधानसभा के 2013 चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी खेलसाय सिंह ने प्रचार के दौरान रामानुजनगर में विकास के इतने वादे किए थे कि उन्हें इस बूथ से सर्वाधिक 826 वोट मिले थे, लेकिन वादे पूरा करना तो दूर की बात जीतने के बाद विधायक की निष्क्रियता ही इस ब्लॉक मुख्यालय में आज सबसे बड़ा मुद्दा है। खुद पार्टी के कार्यकर्ताओं तक में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। इस गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि नल-जल बंद है, सड़कें कच्ची हैं। स्कूल के ग्राउंड में बारिश के दिनों में पानी लबालब भरा रहता है। पंचायत भवन इतना जर्जर है कि कभी भी ढह सकता है तो एक भी वादे पूरे हुए नहीं हैं,
अस्पताल की एक्स रे मशीन खराब पड़ी हुई है। स्वास्थ्य सुविधा की हालत खराब है, इसलिए इस बार मतदान भी सोच समझकर व सही प्रत्याशी को करेंगे। रामानुजनगर में साहू समाज के लोगों की संख्या सर्वाधिक है।
लोगों से किए वादे नहीं किए पूरे
नल-जल, कच्ची सड़कें सहित अन्य समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रशासन द्वारा भी विकास कार्यों की ओर जरा सा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं।
भूपेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि
छिंदिया में तो थम गई है विकास की रफ्तार
प्रेमनगर विस के ग्राम छिंदिया में सबसे बड़ी समस्या लो वोल्टेज व पेयजल की है। इसी बूथ से भाजपा प्रत्याशी रेणुका सिंह को सर्वाधिक 686 मत मिले थे। उन्होंने इस गांव में २ लाख की लागत से एक सीसी सड़क जरुर बनवाई है लेकिन विकास के नाम पर यहां जनसंघ के नेता स्व. मणिप्रताप के नाम से बने चौक के अलावा देखने के लिए कुछ नहीं है।
कुछ पारे में तो आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। छिंदिया के खालपारा के ग्रामीण ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं। समस्याएं जस की तस हैं। तारा-रामानुजनगर के सड़क निर्माण का मुआवजा नहीं मिलने से नाराजगी है। यह बूथ भाजपा का गढ़ रहा है, लेकिन यहां भी सही प्रत्याशी ही बड़ा मुद्दा है।
लोगों में है काफी नाराजगी
लो-वोल्टेज, पेयजल सहित अन्य समस्याओं का अंबार ग्राम छिंदिया में लगा हुआ है। विकास कार्य नहीं होने से लोगों में गहरी नाराजगी है जो इस चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा।
सुरेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य