
अंबिकापुर। आबकारी विभाग की संभागीय उडऩदस्ता टीम ने मुखबिर की 1 वर्ष पूर्व एक युवक को भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन के साथ मेडिकल कॉलेज के पास से गिरफ्तार (Narcotic injection smuggler) किया था। इस मामले में आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया था। 10 सितंबर को विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स अंबिकापुर अतुल कुमार श्रीवास्तव ने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए नशे के कारोबारी को 12 वर्ष सश्रम कारावास व 1 लाख रुपए जुर्माने (Imprisonment and fine) की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं पटाने पर 6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा उसे भुगतनी पड़ेगी। आरोपी की पैरवी अधिवक्ता संजय अंबष्ट जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पांडेय ने की।
सरगुजा के सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को 29 सितंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंबिकापुर के दर्रीपारा निवासी सूरज यादव पिता गोपाल यादव अपनी बाइक क्रमांक सीजी 15 सीएच 0906 से हर्राटिकरा पुलिया मेडिकल कॉलेज के पास भारी मात्रा में इंजेक्शन का सप्लाई (Narcotic injection supply) करने वाला है।
सूचना मिलते ही उडऩदस्ता टीम ने मेडिकल कॉलेज (Medical College Ambikapur) हर्राटिकरा पुलिया के पास घेराबंदी कर सूरज यादव को पकड़ा। टीम ने जब उसके पीठ पर टंगे पिट्ठू बैग की तलाशी ली तो उसमें 99 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन तथा 79 नग एविल इंजेक्शन बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 सी के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स अंबिकापुर के न्यायालय में चल रही थी। सजा सुनाने के दिन 10 सितंबर 2026 तक सूरज यादव को जमानत नहीं मिली थी। इसी बीच कोर्ट ने उसे मामले में 12 वर्ष सश्रम कारावास (Lifetime imprisonment to drug smuggler) व 1 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी (Excise department officer) ने कहा कि वे एनडीपीएस एक्ट की भयावहता के बारे में लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से बताते रहते हैं। इसके तहत अपराध करने पर ज़मानत का लाभ मिलना भी मुश्किल तथा सजा मिलना तय है।