Liquor party in DEO Office: डीईओ ऑफिस में वहां पदस्थ सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, चौकीदार, ड्राइवर व एक प्राइमरी स्कूल के शिक्षक ने की थी शराब पार्टी, दूसरे मामले में प्रधानपाठक ने छात्रा से किया था बलात्कार (Rape with girl student), कमिश्नर ने दोनों अधिकारियों से जवाब किया तलब
अंबिकापुर. Liquor party in DEO office: सरगुजा कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने जशपुरनगर के जिला शिक्षा अधिकारी जे. प्रसाद व कुनकुरी के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एसआर साव को कारण बताओ सूचना जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। दरअसल जशपुर के डीईओ कार्यालय में कुछ दिन पूर्व कार्यालयीन कर्मचारियों व शिक्षक द्वारा दारू पार्टी की गई थी। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। हालांकि मामले को संज्ञान में लेते हुए डीईओ ने सभी 5 लोगों को निलंबित कर दिया था। इधर कुनकुरी के एक प्राइमरी स्कूल के प्रधानपाठक द्वारा छात्रा से बलात्कार (Girl student raped) किया गया था। इन दोनों मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई की गई है।
कमिश्नर द्वारा जारी आदेशानुसार विगत दिनों मीडिया के माध्यम से यह खबर प्रकाश में आई कि जशपुरनगर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कुछ कर्मचारियों द्वारा सामूहिक मद्यपान किया गया।
कमिश्नर ने कर्मचारियों के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन मानते हुए तथा कार्यालय प्रमुख होने के नाते अपने मातहतों पर नियंत्रण नहीं होने, लापरवाह, पदीय दायित्वों की उपेक्षा के कारण जिला शिक्षा अधिकारी जे. प्रसाद को कारण बताओ सूचना जारी करते हुए कलेक्टर के माध्यम से 3 दिन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा है।
प्रधानपाठक ने छात्रा से किया बलात्कार, बीईओ को नोटिस
जशपुर जिले के एक शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ 12 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी प्रभारी प्रधान पाठक के विरुद्ध थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के निरीक्षण में पाया गया कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा स्कूलों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता जिससे शिक्षकों में उनका नियंत्रण नहीं है तथा शिक्षकों में स्वेच्छाचारिता व्याप्त है।
कमिश्नर ने कुनकुरी के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एसआर साव के उक्त कृत्य को गैर जिम्मेदाराना, लापरवाही, पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता मानते हुए कारण बताओ सूचना जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से 3 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।