
लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में शराबबंदी (Liquor ban news) को लेकर जागरूकता अभियान जोर पकड़ता नजर आ रहा है। कंचनपुर, खरसुरा और केवरी के बाद अब ग्राम पंचायत कुंवरपुर में भी पूर्ण शराबबंदी की दिशा में पहल शुरू हो गई है। शराब के दुष्परिणामों से परिवारों और समाज को बचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामसभा की बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण एकजुट हुए। बैठक में गांव में शराब के सेवन, बिक्री और निर्माण पर रोक लगाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने शराब की बढ़ती लत से परिवारों पर पडऩे वाले आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शराब के कारण कई परिवारों को आर्थिक तंगी, घरेलू विवाद और अन्य सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गांव में शराबबंदी लागू करना समय की आवश्यकता है।
बैठक में मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों ने इस पहल का समर्थन (Support of liquor ban) करते हुए गांव में बेहतर सामाजिक वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया। बैठक में शराब पीने-पिलाने और शराब बनाने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया।
हालांकि इस प्रस्ताव को किस रूप में लागू किया जाएगा और शराबबंदी के नियमों के पालन के लिए क्या व्यवस्था बनाई जाएगी, इस पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी। ग्रामसभा की बैठक में सरपंच चमन सिंह, मनीता सिंह, उपसरपंच पंचम सिंह पैकरा, पंच रामजतन, मानमति सहित अन्य पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक में शराबबंदी की पहल को आगे बढ़ाने और ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। लखनपुर विकासखंड के कंचनपुर, खरसुरा और केवरी के बाद अब कुंवरपुर में शराबबंदी की पहल शुरू होने से इस मुहिम को नई गति मिलने की उम्मीद है। महिलाओं की एकजुटता और ग्रामीणों की भागीदारी ने गांव में शराबबंदी की संभावनाओं को मजबूत किया है।
कुंवरपुर में शराबबंदी को लेकर हुई बैठक में महिलाओं (Kunvarpur Women) की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने शराब के दुष्परिणामों से परिवारों को बचाने और गांव में शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों का मानना है कि शराबबंदी की पहल सफल होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है तथा घरेलू विवादों और सामाजिक समस्याओं में कमी आ सकती है।