
अंबिकापुर. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ भाजपा नेता आलोक दुबे ने कलेक्टर को शिकायत की है। उन्होंने बताया कि सरगुजा में कई ऐसे प्राइवेट इंग्लिश मेडियम स्कूल (Private schools) संचालित हैं, जो शासन द्वारा सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। ऐसे स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों के लिए शासन द्वारा नि:शुल्क किताब देने की व्यवस्था है। लेकिन ऐसे स्कूल संचालक इन किताबों का दुरूपयोग कर रहे हैं। वे निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव अभिभावकों पर बना रहे हैं। स्कूल संचालकों द्वारा बच्चों के अभिभावकों के व्हाट्सएप पर लिस्ट भेजकर सेटिंग वाले दुकानों में किताबें खरीदने कहा जा रहा है ताकि स्कूल संचालकों को मोटा कमिशन मिल सके। मामले में कलेक्टर ने डीईओ को जांच कर 3 दिन के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है।
कलेक्टर से की गई शिकायत में आलोक दुबे (BJP leader Alok Dubey) ने उल्लेख किया है कि सरगुजा जिले में सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त अंग्रेजी निजि शिक्षण संस्थाएं कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक संचालित होती है। इसमें सरकार द्वारा नि:शुल्क किताब वितरण की व्यवस्था की गई है और पुस्तक सरकारी डिपों में आ भी रही है।
इसके बावजूद भी जिले के अधिकांश अंग्रेजी माध्यम की निजी शिक्षण संस्थाएं पुस्तकों के प्रकाशक और किताब दुकानों से कमीशन की साठ-गांठ कर बच्चों एवं अभिभावकों को व्हाट्स अप के माध्यम से प्राइवेट प्रकाशकों की पुस्तकों की सूची भेजकर सेटिंग वाली दुकानों से लेने को मजबूर कर रहे हैं, इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जबकि सरकार का निर्देश है कि इन निजी अंग्रेजी माध्यम (Private school of Surguja) की शिक्षण संस्थाओं को नि:शुल्क पुस्तक से ही बच्चों को अध्यापन कार्य करवाना है।
भाजपा नेता ने बताया कि कक्षा 1 की अंग्रेजी माध्यम की किताबें करीब 2000 रुपए तथा 5वीं की किताबें 5000 रुपए में मिल रही है। जबकि यह सभी किताबें छत्तीसगढ़ की सरकार नि:शुल्क वितरण कर रही है। बच्चों के अभिभावकों से यह लगातार शिकायत मिल रही है कि सरकार के नि:शुल्क किताब को न पढ़ाकर प्राइवेट दुकानों से अभिभावक व बच्चों को मंहगे दर पर पुस्तक खरीदने हेतु बाध्य कर रहे हैं।
भाजपा नेता की शिकायत पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा दिनेश झा को प्राइवेट स्कूलों की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम में शिक्षा विभाग (Education department) के अधिकारी एलपी गुप्ता, मीना पुरोहित और संजय सिंह को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट 3 दिन के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं।