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Wasseypur Gangster Shabbir: अंबिकापुर में छिपा था वासेपुर का गैंगस्टर शब्बीर, धनबाद पुलिस को चकमा देकर फरार, डॉन फहीम की मां और मौसी को मारी थी गोली

Wasseypur Gangster Shabbir Alam: मूवी गैंग्स ऑफ वासेपुर की असली कहानी से जुड़ा है मामला, झारखंड के धनबाद कोर्ट से हो गया था फरार, सालों से रह रहा था अंबिकापुर में
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Wasseypur Gangster Shabbir

Wasseypur Gangster Shabbir, गैंगस्टर शब्बीर आलम (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। मूवी गैंग्स ऑफ वासेपुर की असली कहानी का गैंगस्टर शब्बीर आलम (Wasseypur Gangster Shabbir escaped) सालों से अंबिकापुर में छिपा हुआ था। उसने अपने भाई व साथियों के साथ मिलकर कोल माफिया और डॉन फहीम खान की मां और मौसी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह झारखंड के धनबाद कोर्ट से वर्ष 2013 में फरार हो गया था। तब से वह अंबिकापुर में पहचान छिपाकर रह रहा था। धनबाद पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो वह 3 दिन पहले अंबिकापुर पहुंची थी। इसकी सूचना उन्होंने सरगुजा पुलिस (Surguja police) को नहीं दी थी। जब धनबाद पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा तो सादे कपड़े की वजह से पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। इसी बीच मौका पाकर गैगस्टर शब्बीर आलम फरार हो गया। इसके बाद धनबाद पुलिस ने एसपी को सूचना दी। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है।

झारखंड (तब बिहार) के धनबाद जिला अंतर्गत वासेपुर के गैगस्टर शब्बीर आलम (Wasseypur Gangster) और कोल माफिया फहीम खान के परिवारों के बीच कोयले के वर्चस्व व वसूली को लेकर खूनी रंजिश थी। इसी बीच 18 अक्टूबर 2001 में शब्बीर खान, उसके भाई साहिद ने साथियों के साथ मिलकर डॉन फहीम खान की मां नजमा खातून और मौसी शहनाज खातून को बाजार से लौटने के दौरान धनबाद के डायमंड क्रॉसिंग के पास गोलियों से भून दिया था।

इससे दोनों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने वर्ष 2013 में शब्बीर आलम, उसकी भाई शाहिद आलम समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी बीच शब्बीर आलम (Shabbir Alam) फरार हो गया था। इस मामले में वर्ष 2018 में धनबाद कोर्ट ने सातों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलिस शब्बीर आलम की तलाश में थी। उसके खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया था।

Wasseypur Gangster escaped: अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था गैगस्टर

वासेपुर का गैंगस्टर शब्बीर आलम अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में पहचान छिपाकर सालों से रह रहा था। झारखंड की धनबाद पुलिस (Dhanbad police) को जब इसकी सूचना मिली तो 3 दिन पूर्व उसे गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची। पुलिस सादे कपड़ों में थी, इस वजह से स्थानीय लोगों ने उसका विरोध शुरु कर दिया। इसी बीच मौका पाकर शब्बीर आलम फरार हो गया।

बाद में दी सरगुजा पुलिस को सूचना

गैंगस्टर शब्बीर आलम के फरार (Gangster escaped from Ambikapur) हो जाने के बाद धनबाद पुलिस ने सरगुजा पुलिस को सूचना दी। इस संबंध में एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि जब धनबाद पुलिस वारंटी को पकडऩे आई तो उन्हें सूचना नहीं दी गई थी। जब वारंटी फरार हो गया तो हमें सूचना दी गई। सरगुजा पुलिस ने आरोपी की तलाश की, लेकिन नहीं मिल पाया। बता दें कि वासेपुर गैंगस्टर की असल कहानी से प्रेरित होकर डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने गैंग्स ऑफ वासेपुर मूवी बनाई थी, जो वर्ष 2012 में रिलीज हुई थी। डॉन फहीम खान का किरदार मूवी के पहले भाग में मनोज वाजपेयी तथा दूसरे भाग में ने निभाया था।

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