Protest to put body on road: अस्पताल के जनरेटर में चुन्नी फंसने से आई गंभीर चोट से हो गई थी मौत, परिजनों का आरोप कि अस्पताल प्रबंधन नहीं दे रहा मुआवजा
अंबिकापुर। शहर के दर्रीपारा स्थित संकल्प अस्पताल में पदस्थ महिला गार्ड की मौत (Protest to put body on road) के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मुआवजे की मांग की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। मंगलवार को शव को पीएम किया गया। इधर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने महिला गार्ड का शव अस्पताल के सामने मुख्य सडक़ पर रखकर प्रदर्शन किया। वे अस्पताल प्रबंधन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। बता दें कि ड्यूटी के दौरान महिला गार्ड की मौत होने की वजह से उसके ऊपर गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज हो सकता है।
बता दें कि संकल्प हॉस्पिटल अनिषा तिग्गा पति अमित तिग्गा उम्र 26 वर्ष (Protest to put body on road) सुरक्षा गार्ड के रूप में सेवा दे रही थी। 2 मई को अस्पताल में लगे जनरेटर में डीजल का लेवल चेक करने के उसके गले में लिपटा दुपट्टा जनरेटर के पंखे में फंस गया और उसे संभलने का मौका नहीं मिल पाया था।
पंखे के घुमाव के कारण वह अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर गई थी। इससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल में ही भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। इसी बीच सोमवार की दोपहर करीब 3 बजे उसने दम तोड़ दिया था। मंगलवार की सुबह पुलिस ने पीएम पश्चात उसके परिजनों को उसका शव (Protest to put body on road) सौंपा।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन से महिला के गार्ड के परिजनों ने मुआवजे के संबंध में बातचीत की तो उन्होंने देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों में नाराजगी बढ़ गई और मंगलवार की दोपहर महिला गार्ड का शव सडक़ पर रखकर उन्होंने प्रदर्शन (Protest to put body on road) शुरु कर दिया।
इससे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने सडक़ पर दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई।परिजनों का कहना था कि ड्यूटी की दौरान उसकी जान गई है। अस्पताल प्रबंधन उसका उचित मुआवजा दे।
बता दें कि संकल्प अस्पताल (Protest to put body on road) का विवादों से पुराना नाता रहा है। कई बार यहां भर्ती मरीजों की गलत इलाज से जान चली गई है। ऐसा आरोप मृतकों के परिजन द्वारा पूर्व में भी लगाए जा चुके हैं। वहीं महिला गार्ड की मौत को लेकर अधिवक्ता संजय अबष्ट का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन के ऊपर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।