Anganwadi Vacancy 2026: आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार का अच्छा अवसर है।
Anganwadi Vacancy 2026: मैनपाट में एकीकृत बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक और पात्र महिला अभ्यर्थियों से 30 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवार विभागीय वेबसाइट https://aww.e-bharti.in/ के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन पदों के लिए केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन करने के लिए पात्र होंगी। जारी सूचना के अनुसार, कुल 2 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सेक्टर कोटछाल के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र हर्रामार खालपारा में एक पद और सेक्टर पैगा के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र हर्राढोढ़ी परपटिया में एक पद शामिल है।
परियोजना अधिकारी ने बताया कि चयन प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य आवश्यक शर्तों से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा अभ्यर्थी कार्यालय, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना मैनपाट के सूचना पटल से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस भर्ती के जरिए स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थियों को समय सीमा के भीतर आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें।
मैनपाट जैसे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाएं बच्चों के पोषण स्तर सुधारने और गर्भवती व धात्री महिलाओं की देखभाल के लिए अहम मानी जाती हैं। यहां समय-समय पर रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई जाती है, ताकि सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
आंगनबाड़ी सहायिका स्थानीय स्तर की महिला होती है, जो केंद्र में पोषण आहार वितरण, बच्चों की देखरेख और अन्य गतिविधियों में कार्यकर्ता की मदद करती है। इसके लिए आमतौर पर उसी क्षेत्र की महिला को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि वह समुदाय से बेहतर जुड़ाव रख सके। सरकार द्वारा समय-समय पर इन पदों पर भर्ती कर आंगनबाड़ी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश की जाती है, जिससे कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।