
अंबिकापुर. अंबिकापुर कलेक्टोरेट के भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ रहे रिटायर्ड क्लर्क ऋषि कुमार सिंह (Retired clerek Rishi Singh) को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायालय ने 4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। जांच के दौरान उनकी संपत्ति आय की तुलना में 1049 गुना अधिक पाई गई थी। कोर्ट ने जब्त करीब 1 किलो सोने के जेवर और 14 लाख 95 हजार रुपए कैश को राजसात करने का आदेश भी दिया है। बता दें कि रायपुर की एसीबी टीम (ACB Raipur) ने वर्ष 2013 में ऋषि कुमार सिंह के केदारपुर स्थित मकान पर छापा मारा था। जांच के दौरान घर से नकदी, सोने-चांदी के जेवर सहित कई अचल संपत्तियों का पता चला था।
एसीबी के अनुसार जब्त संपत्ति का कुल मूल्य उनकी आय की तुलना में 1 हजार 49 गुना अधिक पाई गई। ऋषि कुमार सिंह के नाम अंबिकापुर के केदारपुर दो मंजिला मकान, पुत्र सचिन कुमार सिंह के नाम ग्राम डिगमा में फार्म हाउस, पुत्री रश्मि सिंह के नाम सुभाषनगर व भगवानपुर में फार्म हाउस सहित अन्य संपत्तियां मिली थीं।
आरोपी के नाम अंडर कंस्ट्रक्शन मैरिज हॉल और कुंडला सिटी अंबिकापुर (Kundala City Ambikapur) में संपत्ति भी सामने आई। पत्नी के नमनाकला स्थित दत्ता कॉलोनी में मकान पाया गया था। ऋषि कुमार सिंह और उनकी पत्नी सुनयना सिंह के नाम एसबीआई लॉकर से 82 हजार 500 रुपए नकद, 950.09 ग्राम सोने के जेवर तथा 856 ग्राम चांदी के जेवर जब्त किए गए थे। इनकी कीमत करीब 25 लाख 47 हजार 598 रुपए आंकी गई थी।
बता दें कि ऋषि कुमार सिंह की जुलाई 1984 में राजस्व विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। जांच में 5 जुलाई 1984 से 19 जून 2013 तक उनके और परिवार के नाम करीब 4 करोड़ 49 लाख 46 हजार 736 रुपए की चल-अचल संपत्ति पाए जाने का उल्लेख है। एसीबी ने 18 जून 2013 को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर केदारपुर स्थित मकान में छापा मारा था। छापे के दौरान 14 लाख 12 हजार रुपए नकद और लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर जब्त किए गए थे।
मामले में वर्ष 2018 में एसीबी ने विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान ऋषि कुमार सिंह अपनी बेहिसाब संपत्ति के आय के स्रोत का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसी आधार पर न्यायालय ने उन्हें दोषी मानते हुए 4 साल के कारावास की सजा सुनाई।