Road accident: अंबिकापुर-रायगढ़ एनएच पर सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिशुनपुर के पास हुआ हादसा, पत्नी व बच्चे की मौके पर ही हो गई मौत, जबकि पति ने अस्पताल में तोड़ा दम
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिकापुर-रायगढ़ नेशनल हाइवे पर बिशुनपुर के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी व 3 माह के मासूम बच्चे को टक्कर (Road accident) मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई। वहीं कार चला रहे युवक व कॉलेज की 3 छात्राएं घायल हो गईं। कार चालक नशे में था। बाइक सवार युवक अपने बच्चे का इलाज कराने अंबिकापुर के लिए निकला था। इसी बीच यह हादसा हो गया। पुलिस ने कार जब्त कर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम दमगड़ा निवासी सुनील लकड़ा 35 वर्ष, अपनी पत्नी अस्मतिया 28 वर्ष व 3 माह के मासूम बच्चे के साथ अंबिकापुर जाने अपनी बाइक क्रमांक सीजी 15 डीवी 9288 से शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे निकला था। निमोनिया होने के कारण बच्चे को दोनों डॉक्टर (Road accident) के पास ले जा रहे थे।
वे रायगढ़-अंबिकापुर नेशनल हाइवे पर सीतापुर से लगे ग्राम बिशुनपुर के पास पहुंचे ही थे कि अंबिकापुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार क्रमांक सीजी 15 ईसी 0892 ने रॉंग साइड आकर टक्कर (Road accident) मार दी।
हादसे में पति-पत्नी व बच्चा सडक़ पर जा गिरे। इससे पत्नी व मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुनील ने सीतापुर अस्पताल में दम तोड़ दिया।
हादसे में पति-पत्नी व मासूम बच्चे की मौत की खबर (Road accident) सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। वे दहाड़ मार-मारकर घटनास्थल पर बिलखते रहे। इधर पुलिस ने कार सवार चालक व 3 युवतियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में भर्ती कराया। पुलिस ने कार जब्त कर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
हादसे (Road accident) में कार सवारों को भी चोटें आई हैं। कार इतनी तेज रफ्तार में थी कि उसने सडक़ किनारे स्थित डॉ. संतोष टोप्पो के घर की बाहरी दीवार तोड़ दी। इससे कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। कार का एयरबैग खुल जाने की वजह से उसमें सवार लोगों की जान बच गई। कार सवार 3 युवतियों का कहना है कि चालक नशे में था।
कार बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम आमाटोली निवासी संतोष पैंकरा चला (Road accident) रहा था। कार में ग्राम रजौटी निवासी अंजलि तिर्की 20 वर्ष, सुशील खिंचा 20 वर्ष व ग्राम भटको निवासी खुशबू पोर्ते 20 वर्ष भी सवार थीं। तीनों प्रैक्टिकल की परीक्षा देने सीतापुर जा रही थी। वे घर से निकलकर बतौली बस स्टैंड पहुंची थीं।
इसी बीच संतोष पैंकरा वहां कार लेकर आया और तीनों को बैठा लिया। कार चालक को एक छात्रा पहचानती थी। नशे में तेज रफ्तार में कार चलाने से सहमी छात्राओं ने उसे ग्राम सेदम में उतारने के लिए भी कहा था, लेकिन वह नहीं माना और उन्हें लेकर और स्पीड में ड्राइव (Road accident) करने लगा था।