अंबिकापुर

Save ponds: शहर के तालाबों को बचाने पार्षदों ने लगाई गुहार, कलेक्टर बोले- किसी भी स्थिति में बचाएंगे, दोषियों को नहीं बख्शेंगे

Save ponds: तालाबों व जलस्रोतों को पाटकर कब्जा कर रहे लोग, पार्षदों के अलावा कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष व मंत्री भी पहुंचे थे कलेक्टर के पास, जिला प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

2 min read
Councilor meet to collector (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। शहर के प्राचीन तालाबों एवं जल स्रोतों (Save ponds)को पाटे जाने के मामलों को लेकर शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह प्रतिनिधिमंडल एमआईसी सदस्य मनीष सिंह के नेतृत्व में पहुंचा, जिसमें कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी, पार्षद शशिकांत जायसवाल, शिवमंगल सिंह, विपिन पांडेय तथा कैट मंत्री पंकज गुप्ता व मुकेश गुप्ता शामिल रहे। दरअसल शहर के बस स्टैंड तालाब को पाटा जा रहा है, जिस पर फिलहाल प्रशासन ने स्टे लगा दिया है।

ज्ञापन में बताया गया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित तालाबों (Save ponds) एवं जल क्षेत्रों को अवैध रूप से पाटकर जमीन में तब्दील किया जा रहा है। विशेष रूप से नया बस स्टैंड के सामने स्थित प्राचीन जलाशय क्षेत्र में मशीनों के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा था, जिसे प्रशासन द्वारा फिलहाल रोक दिया गया है।

ये भी पढ़ें

Bus accident: खड़े ट्रक से जा भिड़ी यात्रियों से भरी बस, 1 की मौत, दर्जनभर घायलों में 3 की हालत गंभीर

प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों को किसी भी स्थिति में नष्ट नहीं किया जा सकता तथा जिन जल क्षेत्रों को पाटा गया है, उन्हें पुन: मूल स्वरूप में लाया जाना चाहिए।

यह भी बताया गया कि वर्ष 1964 के आसपास संबंधित भूमि का मुआवजा दिया गया था, लेकिन अभिलेखों में त्रुटियों के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। साथ ही वर्ष 2002 में नगर पालिका परिषद द्वारा उक्त स्थल पर घाट निर्माण कराए जाने का उल्लेख भी किया गया, जो इस क्षेत्र के जलाशय (Save ponds) होने का प्रमाण है।

गूगल मैप के माध्यम से कराएं सीमांकन

प्रतिनिधिमंडल ने शहर के सभी तालाबों एवं जल क्षेत्रों का गूगल मैप के माध्यम से सीमांकन कर अवैध कब्जों को हटाने हेतु विशेष टीम गठित करने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि इस गंभीर विषय पर त्वरित एवं ठोस कदम उठाते हुए शहर के जल स्रोतों (Save ponds) की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

Save ponds: कलेक्टर बोले- जांच शुरू

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार ज्ञापन सौंपने के पश्चात कलेक्टर ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शहर के सभी तालाबों (Save ponds) का सीमांकन कराया जाएगा तथा किसी भी स्थिति में जल स्रोतों को समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।

इन तालाबों की जांच की मांग

  • नया बस स्टैंड के सामने स्थित तालाब क्षेत्र
  • भाथूपारा तालाब होटल पर्पल आर्किड के पीछे एवं आसपास
  • बौरीपारा स्थित रिंग बांध तालाब
  • ब्रह्मपारा स्थित गढिय़ा लगभग 1.5 एकड़ शासकीय भूमि

ये भी पढ़ें

Admission dispute: Video: ‘सरगुजिहा बोली’ बोलने पर बच्चे को निजी स्कूल ने नहीं दिया एडमिशन! कहा- बड़े घरों के बच्चे भी सीख जाएंगे
Published on:
17 Apr 2026 08:09 pm
Also Read
View All