अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित घुनघुट्टा नदी पुलिया के पास दिया था जघन्य वारदात को अंजाम, वीडियो फुटेज से पकडऩे में मिली मदद
अंबिकापुर. सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाह के बीच एक राहगीर को बच्चा चोर समझ शुक्रवार को लाठी-डंडे, हाथ-मुक्के व पत्थर से मारकर जघन्य हत्या कर दी गई थी। यही नहीं, वहां मौजूद दर्जनों लोगों ने पिटाई से मौत तक की वीडियो अपने मोबाइल में कैद की थी। सूचना पर पुलिस पहुंची तो हत्या करने वाले भी भीड़ का हिस्सा बन गए थे।
इसके बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर मेंड्राकला तथा इससे लगे गांव की एक महिला सहित 9 लोगों को हिरासत में लिया। शनिवार को पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इधर मृतक की अभी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्ती के प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह ग्राम मेंड्राकला के लोगों ने एक व्यक्ति को घूमते देखा। वह विक्षिप्त सा लग रहा था। ग्रामीणों ने समझा कि वह बच्चा चोर है। उससे पूछताछ की गई तो वह अच्छे से जवाब नहीं दे पाया। फिर क्या था लोगों ने उसकी बेदम पिटाई शुरु कर दी।
उस करीब डेढ़ घंटे तक ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे, चप्पलों व लात-मुक्के से इतना मारा गया कि उसकी मौत हो गई। मानवता तो तब और शर्मसार हो गई, जब वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने की बजाय उसकी मौत होते तक का वीडियो बनाया। इधर सूचना पर मणिपुर चौकी पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची।
इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एएसपी व सीएसपी ने टीम का गठन कर आरोपियों की पहचान कराई। इधर पुलिस ने पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। मृतक की पहचान भी नहीं हो पाई।
इधर दिनभर चले गहमा-गहमी के बीच वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक महिला समेत 9 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल, मणिपुर चौकी प्रभारी एसआई प्रमोद कुमार यादव, एसआई सतीश सोनवानी, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह, देवेंद्र सिंह, अनिल सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, आरक्षक दिवाकर मिश्रा, सचिंद्र सिन्हा, प्रविंद्र सिंह, मंटूलाल गुप्ता, अथनस बखला, विरेंद्र बंजारे, राहू कुजूर, सैनिक गणेश पांडेय एवं क्राइम ब्रांच की टीम शामिल रही।
ये भेजे गए जेल
वीडियो फुटेज के आधार पर जिन आरोपियों की पहचान की गई उनमें लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगीटाना के भुसूपखनापारा निवासी लालेश्वर उरांव पिता बबन टोप्पो 35 वर्ष, सुखसाय पिता बंधुराम 38, अशोक तिर्की पिता बलदेव तिर्की 36, सोनामति उरांव पति स्व. भरत 52, उदयपुर ढाब निवासी सूरज किस्पोट्टा पिता धरमसाय 26 वर्ष,
रूद्रप्रसाद पिता मूनसाय 37 वर्ष व मोहरलाल राजवाड़े पिता सालिक राम 42 वर्ष तथा मणिपुर चौकी अंतर्गत ग्राम मेंड्राकला निवासी लकी उरांव उर्फ झोलझाल पिता चैतराम 28 वर्ष तथा सालेन तिग्गा पिता मनोरंजन तिग्गा 34 वर्ष शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाह पड़ रही भारी
पिछले 2-3 महीने से सोशल मीडिया पर बच्चा व किडनी चोर गिरोह की अफवाह उड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। अफवाह को ग्रामीण सच मानकर किसी भी अज्ञात व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं जो उस क्षेत्र से गुजर रहा है। अफवाह ने उनके मन-मस्तिष्क पर इतना असर जमा रखा है कि वे विक्षिप्त को भी इस गिरोह का ही सदस्य मान रहे हैं। पखवाड़ेभर पूर्व कोरिया जिले में भी एक विक्षिप्त को अधमरा होते तक पीटा गया था।