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अंबिकापुर. एक अधेड़ व्यक्ति अपने घर की बाड़ी में सब्जी के पौधे लगा रहा था। सब्जी लगाते-लगाते वह पास ही पड़े ईंट के ढेर के पास पहुंच गया। इसी दौरान वहां छिपकर बैठे जहरीले सांप ने उसे डस लिया। यह देख वह चिल्लाता हुआ वह घर पहुंचा। घर में उसने सांप द्वारा डसे जाने की जानकारी दी तो उसे अस्पताल ले जाने की बजाय परिजन झाडफ़ूंक कराने लगे।
जब तबीयत और बिगड़ती चली गई तो उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
जशपुर जिले के ग्राम कुर्रोग निवासी बालकुंवर राम उम्र 52 वर्ष गुरुवार की सुबह घर की बाड़ी में सब्जी लगा रहा था। इस दौरान वह बाड़ी में ही रखी ईंट के ढेर के पास चला गया। इसी बीच उसे वहां छिपकर बैठे जहरीले सांप ने डस लिया। सांप द्वारा डस लिए जाने से वह हड़बड़ा गया और भागता-चिल्लाता घर पहुंचा।
उसने परिजन को बताया कि उसे सांप ने डस लिया है। यह सुनकर घरवालों के भी होश उड़ गए। फिर परिजन उसे अस्पताल ले जाने की बजाय गांव के ओझा से झाडफ़ूंक कर चुंबक से इलाज कराने लगे। इधर ग्रामीण की हालत सुधरने की बजाय और बिगड़ती चली गई। इसके बाद परिजन उसे जशपुर अपस्ताल लेकर पहुंचे।
यहां उसे एंटी स्नेक वेनम का डोज लगाया गया लेकिन हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जशपुर जिले में है सांपों का आतंक
जशपुर जिले में हर वर्ष सर्पदंश से दर्जनों लोगों की जान चली जाती है। अक्सर यह देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांप डसने के बाद जागरुकता के अभाव में वे झाडफ़ूंक का ही सहारा लेते हैं। ऐसे में उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि शासन-प्रशासन द्वारा अपनी ओर से लोगों को जागरुक किया जा रहा है लेकिन अभी भी ग्रामीण अंधविश्वास में जी रहे हैं।
Published on:
23 Jun 2018 02:32 pm
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