अंबिकापुर के अस्पताल में तबीयत में सुधार नहीं होने पर रायपुर किया गया था रेफर, तोड़ दिया दम
अंबिकापुर. इन दिनों किशोर व युवा माता-पिता की डांट भी सहन नहीं कर पा रहे हैं। उनकी मांग पूरी न होने या डांट-डपट करने से वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। पुत्र या पुत्री जब ऐसे कठोर कदम उठा लेते हैं तो माता-पिता भी खुद को जिंदगी भर कोसते रहते हैं।
ऐसा ही एक मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सकालो से सामने आया है। हर रात घर लेट से पहुंचने पर अपने 18 वर्षीय पुत्र को पिता ने डांट-फटकार लगाई तो उसने गुस्से में आकर कीटनाशक का सेवन कर लिया।
उसे अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था। फिर डॉक्टरों ने उसे रायपुर के लिए रेफर कर दिया था। यहां 15 दिन तक उपचार के बाद मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मुकेश विश्वास पिता सुनील विश्वास उम्र 18 वर्ष अक्सर वह घर देर रात को आया करता था। इससे नाराज पिता डांट फटकार करते थे। 4 अगस्त की रात युवक फिर घर लेट से आया था। इससे नाराज पिता ने उससे जमकर फटकार लगा दी थी। इससे वह नाराज हो कर घर में रखा कीटनाशक का सेवन कर लिया।
इसकी जानकारी होने पर परिजन उसे उपचार के लिए शहर के एक निजी अपस्ताल लेकर गए। 3 दिनों तक उपचार चलने के बाद जब युवक की हालत सुधरने की बजाय बिगडऩे लगी तो डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया था। इधर युवक की मंगलवार को उपचार के दौरान रायपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई।
बिना पीएम कराए शव लाया वापस
रायपुर में डॉक्टरों के द्वारा युवक को मृत घोषित करने के बाद परिजन युवक के शव का पीएम कराये बगैर बुधवार सुबह अंबिकापुर लेकर आ गए। वहीं परिजन ने मामले की सूचना गांधीनगर पुलिस को दी। परिजन की सूचना पर पुलिस युवक के शव को बरामद कर पीएम के लिए भेजा। पुलिस फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है।