विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में बने शौचालय में नहीं लगा है दरवाजा तो महापुरुष की होर्डिंग का कर रहे उपयोग
अंबिकापुर. सरगुजा विश्वविद्यालय अपनी कारगुजारियों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहता है। इस बार विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपनी सारी हदें पार करते हुए भाजपा के संस्थापक की होर्डिंग का उपयोग शौचालय के गेट के रूप में कर रहा है। जबकि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा स्व. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
ऐसे में शौचालय के गेट पर इनकी होर्डिंग कतई बर्दाश्त करने लायक नहीं है। ऐसा नहीं है कि अब तक विवि के कुलपति समेत यहां पदस्थ अन्य अधिकारियों की नजर इस पर नहीं गई होगी, लेकिन किसी ने भी इसे यहां से हटाना मुनासिब नहीं समझा।
प्रदेश में पिछले १५ वर्ष से भाजपा की सरकार है लेकिन इनके ही शासन में संचालित सरगुजा विश्वविद्यालय द्वारा पार्टी के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी समारोह की होर्डिंग को कितना सम्मान दिया जा रहा है, वह वहां के प्रशासनिक कार्यालय परिसर में स्थित शौचालय में जाने के बाद पता चलता है।
विश्वविद्यालय के शौचालय में गेट भी नहीं लगाया गया है, ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की होर्डिंग को ही गेट बनाकर उपयोग किया जा रहा है। गौरतलब है कि पंडित दीनदाल उपाध्याय के नाम पर न केवल प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाएं संचालित की जा रही हंै,
बल्कि भाजपा संगठन द्वारा कई कार्यकम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में इस महापुरुष की होर्डिंग को शौचालय के गेट के रूप में उपयोग करना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है।
हमेशा सुर्खियां बटोरता है विश्वविद्यालय
अपनी कारगुजारियों की वजह से हमेशा विश्वविद्यालय प्रबंधन सुर्खियां बटोरता है लेकिन किसी महापुरूष के होर्डिंग का प्रबंधन इस तरह से उपयोग करेगा यह किसी को भी विश्वास नहीं था। वह भी जब प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकार है।
इसके अलावा अभाविप सहित भाजपा से जुड़े अन्य संगठन के छात्र नेताओं का भी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आना-जाना लगा रहता है लेकिन उन्होंने भी उसे हटाना उचित नहीं समझा।