Tension in Gudari chowk: लक्ष्मी नारायण अस्पताल का मामला, अस्पताल के बाहर लगवाया था ट्रांसफार्मर, शिकायत पर हटाने के दिए गए थे आदेश, अंतत: विद्युत विभाग ने काटी लाइन
अंबिकापुर। शहर के गुदरी चौक स्थित विजय मार्ग पर संचालित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर बुधवार को ट्रांसफार्मर हटाने की मांग को लेकर दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। शाम होते-होते विरोध प्रदर्शन हंगामे में बदल गया। इस बीच अस्पताल प्रबंधन व स्थानीय लोगों के बीच झड़प (Tension in Gudari chowk) हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। स्थानीय लोगों के दबाव के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा और अंतत: ट्रांसफार्मर से विद्युत लाइन काट दी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विजय मार्ग की चौड़ाई लगभग 20 फीट है। यह मार्ग संगम चौक से शिवाजी चौक को जोड़ता है और शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। सडक़ के दोनों ओर दुकानें और मकान होने के कारण यहां दिनभर आवाजाही रहती है। अस्पताल के मुख्य गेट पर मरीजों को उतारने-चढ़ाने के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बनती है, जिससे राहगीरों और मोहल्ले के लोगों को परेशानी (Tension in Gudari chowk) उठानी पड़ती है।
इसी बीच अस्पताल परिसर से सटे निजी ट्रांसफार्मर को लेकर विवाद और गहरा गया। मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा निजी ट्रांसफार्मर उनके घरों के समीप लगाया गया है, जिससे सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
उनका कहना था कि नगर निगम द्वारा अस्पताल के संचालन को लेकर पूर्व में आदेश जारी किए गए थे, इसके बावजूद ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। ट्रांसफार्मर मुख्य सडक़ और अस्पताल के प्रवेश द्वार के बेहद करीब है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना (Tension in Gudari chowk) हो सकती है। ट्रांसफार्मर में आए दिन स्पार्किंग की शिकायत भी की गई है।
कुछ माह पहले अस्पताल से सटे गीता प्रिंटिंग प्रेस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी, जिसमें प्रेस और दुकान जलकर खाक हो गई थी। इस घटना (Tension in Gudari chowk) के बाद से क्षेत्र में बिजली उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
बुधवार सुबह से ट्रांसफार्मर हटाने की मांग को लेकर विरोध (Tension in Gudari chowk) शुरू हुआ। दोपहर बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय लोगों व अस्पताल प्रबंधन के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और एहतियातन ट्रांसफार्मर की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। बाद में मामला थाने तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार पूर्व में यह भवन खरे कॉम्प्लेक्स नाम से आवासीय परिसर था। बाद में इसमें बदलाव कर अस्पताल का संचालन शुरु किया गया। स्थानीय लोग इसकी वैधता और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल (Tension in Gudari chowk) उठा रहे हैं। निगम द्वारा भी इसके कुछ हिस्से अवैध बताया गया है।