अंबिकापुर

किसानों के हित में बड़ा फैसला: धान विक्रय हेतु कैरी फॉरवर्ड, नवीन पंजीयन एवं त्रुटि सुधार की समय-सीमा बढ़ी, जानें तारीख

CG Dhan Kharidi: राज्य सरकार ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए धान विक्रय से संबंधित पंजीयन एवं संशोधन की समय-सीमा में विस्तार किया है।

2 min read
किसान नहीं बेच पाए हैं धान (photo source- Patrika)

CG Dhan Kharidi: राज्य सरकार ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए धान विक्रय से संबंधित पंजीयन एवं संशोधन की समय-सीमा में विस्तार किया है। इसके तहत धान विक्रय करने वाले कृषकों के लिए कैरी फॉरवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का नवीन पंजीयन, त्रुटिपूर्ण आधार के मामलों में पूर्व पंजीयन को निरस्त कर नवीन पंजीयन, तथा राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर जिला कलेक्टर की अनुशंसा से नवीन पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

वहीं, किसानों द्वारा किए जाने वाले अन्य सभी प्रकार के संशोधन, जैसे फसल संशोधन एवं रकबा संशोधन, के लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 तय की गई है। उक्त सभी प्रावधान आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के समिति मॉड्यूल में लागू कर दिए गए हैं, जिससे किसान बंधु समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधार कराकर सुगमता से धान विक्रय कर सकेंगे। राज्य सरकार के इस निर्णय से उन किसानों को विशेष लाभ मिलेगा, जो तकनीकी या दस्तावेज़ी कारणों से अब तक पंजीयन या संशोधन नहीं करा पाए थे।

ये भी पढ़ें

Patwari arrested: पटवारी भी था अवैध धान की बिक्री में शामिल, उत्तर प्रदेश से मंगवाया था धान, 2 गिरफ्तार

जिले में अब-तक 21 लाख 15 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी

जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य शासन के निर्देशानुसार किसान हितैषी, पारदर्शी और सुव्यवस्थित जारी है। जिला प्रशासन की प्रभावी निगरानी एवं विभागीय समन्वय के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की योजना का लाभ ले रहे हैं।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में अब तक कुल 21,15,962.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। वहीं संबंधित मिलों एवं परिवहन एजेंसियों द्वारा 5,68,040 क्विंटल धान का उठाव भी किया जा चुका है, जिससे उपार्जन केन्द्रों पर भंडारण एवं खरीदी प्रक्रिया सुचारू बनी हुई है।
धान विक्रय हेतु जिले में कुल 60,332 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनमें से 35,393 किसानों द्वारा धान का विक्रय किया जा चुका है। किसानों की सक्रिय सहभागिता से उपार्जन केन्द्रों पर की गई व्यवस्थाएं सरल, सुगम एवं भरोसेमंद सिद्ध हो रही हैं।

11,121 किसानों द्वारा कुल 645.89 हेक्टेयर रकबा समर्पित

इसके साथ ही खरीदी प्रक्रिया के दौरान रकबा समर्पण की कार्यवाही भी नियमानुसार संपन्न की जा रही है। जिले में 11,121 किसानों द्वारा कुल 645.89 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया। यह व्यवस्था वास्तविक बोए गए रकबे के अनुरूप पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक है।

जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी, उठाव एवं भुगतान से संबंधित सभी कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा में धान विक्रय कर शासन की योजना का अधिकतम लाभ उठाएं तथा किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

Published on:
10 Jan 2026 05:17 pm
Also Read
View All
Obscene dance in forest rest house: फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में अश्लील डांस, चौकीदार बोला- तात्कालीन रेंजर नेताओं को देते थे चाबी, डिप्टी रेंजर और महिला फॉरेस्टर सस्पेंड

Congress protest: कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव बोलीं- केन्द्र सरकार मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कर रही तहस-नहस

Murder case: युवक की चाकू घोंपकर की थी हत्या, युवती समेत तीनों आरोपी गिरफ्तार, पीछा करते पहुंचा था मृतक

Car accident: तेज रफ्तार कार कई बार पलटी, घूमने निकले 2 युवकों की मौत, 2 युवतियां और 2 युवक गंभीर

Political news: मनरेगा नाम परिवर्तन पर पूर्व मंत्री बोले- काम की संवैधानिक गारंटी कर दी गई है कम, ये भी कहा

अगली खबर