अंबिकापुर

Big Breaking : जज की कुर्सी पर बैठकर करते थे गलत काम, किए गए बर्खास्त, स्थायी लोक अदालत के थे चेयरमेन

रायपुर में पदस्थापना के दौरान लगा था आरोप, जांच में शिकायत की पुष्टि पर हाईकोर्ट ने की थी अनुशंसा, विधि-विधायी विभाग ने की कार्रवाई

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अंबिकापुर. परिवीक्षा अवधि में जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद गलत तरीके से अपर सत्र न्यायाधीश पर जमानत दिए जाने का आरोप लगाते पक्षकारों को लाभ पहुंचाने की शिकायत हाईकोर्ट से की गई थी। हाईकोर्ट द्वारा संबंधित न्यायाधीश के खिलाफ पूरे मामले में जांच किए जाने का आदेश जारी किया गया था।

इसपर रायपुर में पदस्थापना के दौरान दो माह के अंतराल में जितने भी जमानत आदेश उनके द्वारा दिए गए थे, उनकी फाइल मंगाकर जांच के बाद शिकायतों की पुष्टि होने पर हाईकोर्ट द्वारा विधि व विधायी विभाग रायपुर को कार्रवाई हेतु अनुशंसा कर दी गई थी। इस मामले में शुक्रवार को विशेष संदेशवाहक ने अंबिकापुर पहुंच हाईकोर्ट व विधि विधायी विभाग के आदेश की प्रति जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा।

बर्खास्तगी आदेश की प्रति मिलते ही डेस्क पर बैठे न्यायाधीश को कॉपी सौंपी गई, जहां से वे सीधे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कक्ष गए और वहां से घर वापस लौट गए। बर्खास्त जज वर्तमान में अंबिकापुर में स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन पद पर पदस्थ थे।


जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर में स्थायी लोक अदालत में पदस्थ चेयरमेन विजय कुमार जोलहे की बर्खास्तगी का आदेश शुक्रवार को हाईकोर्ट के विशेष संदेश वाहक ने पहुंचकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीपी वर्मा को सौंपा।

इस पर डीजे ने स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन विजय कुमार जोलहे को विशेष संदेशवाहक के माध्यम से दोपहर लगभग 12 बजे आदेश की प्रति भिजवाई। इस दौरान वे डेस्क पर बैठकर काम कर रहे थे। आदेश मिलते ही वे काम बंद कर डीजे के पास पहुंचे। जहां से उन्हें घर भेज दिया गया।


रायपुर में पदस्थापना के दौरान शिकायत
2014 में सीधे एडीजे के पद पर विजय कुमार जोलहे की नियुक्ति हुई थे। २ वर्ष की परिवीक्षा अवधि के दौरान वे रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में पदस्थ थे। इस दौरान कुछ जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।

रायपुर में पदस्थापना के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश रहते हुए दो महीने के अंतराल में जितने भी जमानत आवेदन पर सुनवाई उन्होंने की थी सभी फाइल हाईकोर्ट में मंगा कर जांच की गई। जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर इसकी जानकारी विधि एवं विधायी मंत्रालय के प्रमुख सचिव को दी गई।


प्रिंसिपल सेके्रटरी ने जारी किया बर्खास्तगी आदेश
फाइल क्रमांक 10477/3787/ एक्सएक्सआई-बी/सी/जी/18 पर हाईकोर्ट ने विधि विधायी विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को कार्रवाई हेतु अनुशंसा की थी। 24 अक्टूबर को विधि विधायी विभाग द्वारा आदेश जारी करते हुए उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य व वर्तमान में अंबिकापुर में पदस्थ विजय कुमार जोलहे की बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिया गया। आदेश की जानकारी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार सहित मुख्य सचिव को भी दी गई।


प्रदेश का दूसरा मामला
बिलासपुर न्यायालय में इससे पूर्व एक न्यायाधीश के खिलाफ हाईकोर्ट के अनुश्ंासा पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद उच्च न्यायिक सेवा में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। न्यायाधीश को आदेश मिलने के बाद कोर्ट परिसर से वापस कर दिया गया है।

Updated on:
27 Oct 2018 08:52 pm
Published on:
28 Oct 2018 08:01 am
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