पिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचे बेटे ने डंडा मारकर भालुओं को भगाया, गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती
अंबिकापुर. अलसुबह एक ग्रामीण अपने मक्के की खेत में जा रहा था। इस दौरान वहां दो भालू पहले से छिपे हुए थे। ग्रामीण को आता देख दोनों ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने पैने पंजों से उसे लहूलुहान तो किया ही, साथ में उसका गुप्तांग भी गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
आवाज सुनकर बेटे ने डंडे से भालुओं पर वार किया तो वे उसे छोड़ जंगल की ओर भाग गए। स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ग्रामीण ने गुप्तांग की बात करते हुए बताया कि सब कुछ खत्म हो गया।
सूरजपुर जिले के ग्राम कुदरगढ़ निवासी लालमन पिता रामलाल 50 वर्ष शुक्रवार की सुबह 4 बजे घर से लगे अपने खेत में गया था। इस दौरान 2 भालू पहले से वहां बैठे थे। उन्होंने जैसे ही ग्रामीण को खेत में घुसते देखा, उस पर हमला कर दिया। दोनों ने अपने पैने नाखूनों से शरीर पर जगह-जगह गहरे जख्म बना दिए।
इस दौरान एक भालू ने उसके गुप्तांग पर पंजा मारा और नोंच डाला। ग्रामीण ने जान बचाने चिल्लाना शुरु किया तो उसका बेटा डंडा लेकर पहुंचा। उसने पिता को घिरा देखा तो डंडे से भालुओं के सिर पर प्रहार किया। इससे दोनों भालू उसे छोड़कर जंगल की ओर भाग गए। इसके बाद बेटे ने पिता को घर के अन्य सदस्यों के सहयोग से ओडग़ी अस्पताल में भर्ती कराया।
गंभीर है हालत
ओडग़ी के डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर किया। यहां दो दिन तक इलाज चला लेकिन स्थिति में सुधार नहीं आया। इस पर डॉक्टरों ने उसे वहां से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। यहां ग्रामीण का उपचार जारी है। बातचीत के दौरान घायल ग्रामीण ने बताया कि भालुओं के हमले में सबकुछ खत्म हो गया।