
Naib Tehsildar Tushar Manik (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सीतापुर के राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर सीतापुर विधायक की बहन सीमा धनकी से बद्तमीजी के आरोप लगे हैं। वहीं नायब तहसीलदार द्वारा आरोप लगाया गया है कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने उनसे मारपीट (Naib Tehsildar Beaten Case) की है। दोनों ही पक्षों पर एफआईआर दर्ज है। इधर विधायक व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 1 जून से सरगुजा जिले समेत प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार कामबंद, कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। इसी बीच नायब तहसीलदार ने शासन से मामले में नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले मेरा, फिर विधायक, उनकी बहन और एक अन्य महिला का टेस्ट कराया जाए। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
नायब तहसीलदार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 27 अप्रैल को विधायक की बहन सीमा धनकी शोध क्षमता प्रमाण पत्र में बिना पूरा दस्तावेज जमा किए हस्ताक्षर करने कह रही थीं। हम कठिन परीक्षा पास कर यहां पहुंचे हैं, इसके बाद हमें अधिकार मिलते हैं। मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सही नहीं है।
विधायक और उनके लडक़ों द्वारा मारपीट (Naib Tehsildar beaten) की गई, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मेरी जो लड़ाई है वह व्यक्तिगत और संघ की है। मेरी लड़ाई शासन से नहीं है, क्योंकि शासन का एक अभिन्न अंग मैं भी हूं।
विधायक भी शासन का एक अंग हैं। उनके द्वारा जो इस तरह का कृत्य किया गया है वह कहीं से भी सही नहीं है। मारपीट मामले में विधायक की गिरफ्तारी को लेकर कामबंद, कलमबंद आंदोलन संघ द्वारा उचित कार्रवाई के लिए किया गया है।
नायब तहसीलदार ने कहा कि मैंने किसी भी तरह से किसी भी महिला या विधायक की बहन के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई है। मैंने अगर उनके साथ कुछ ऐसा किया है तो शासन से मेरी मांग है कि मेरा नार्को टेस्ट (Narco test) करा लिया जाए, मीडिया के सामने करवा लीजिए।
मैंने उन्हें धक्का मारा है कि नहीं, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है कि नहीं। इससे दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। इसके बाद विधायक, उनकी बहन और एक अन्य महिला जिसने चुनाव के समय फेवर करने के लिए मुझपर आरोप लगाया गया है, उनका भी नार्को टेस्ट कराया जाए।
नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) ने कहा कि विधायक को सीतापुर थाने में ही गिरफ्तारी देनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें आगे आना चाहिए। उन्होंने क्यों गिरफ्तारी नहीं दी, यह तो वे ही जानेंगे। हम तो उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच की मांग करते हैं ताकि मामला सामने आए। उन्होंने कहा कि जब तक विधायक पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक होगा। सभी संगठन हमारे समर्थन में हैं।
Published on:
01 Jun 2026 01:59 pm
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