अंबिकापुर

Wasseypur Gangster: वासेपुर का एक और गैंगस्टर शाकिब अफजल अंबिकापुर में छिपा रहा 15 साल, गैंगस्टर शब्बीर का संभाल रहा था कारोबार

Wasseypur Gangster Shakib Afjal: झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत वासेपुर के कोल माफिया व डॉन फहीम खान के दफ्तर पर की थी फायरिंग, धनबाद में दर्ज है नामजद एफआईआर, संपत्तियां की जा चुकी हैं कुर्क
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Wasseypur Gangster
Wasseypur gangster, गैंगस्टर शब्बीर आलम, गैंगस्टर शाकिब अफजल व बस संचालक वैदुल खान (Photo source- Patrika)

अंबिकापुर। झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत वासेपुर का एक और गैंगस्टर शाकिब आलम (Wasseypur Gangster case) पिछले 15 साल से अंबिकापुर में छिपा हुआ था। उसने वासेपुर के डॉन फहीम खान के दफ्तर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उसके खिलाफ हत्या, लूट व एके-47 से फायरिंग के मामले दर्ज हैं। कोर्ट के निर्देश पर उसकी वासेपुर में स्थित सभी संपत्तियां कुर्क कर ली गई थी। इसके बाद से वह अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था। बताया जा रहा है कि उसने अंबिकापुर से लगे लालमाटी में आलिशान मकान बनाया है। वह गैंगस्टर शब्बीर आलम और शमीम व राजहंस बस संचालक वैदुल खान का कारोबार इन दिनों संभाल रहा था। बता दें कि डॉन फहीम खान की मां और मौसी की गोली मारकर हत्या मामले में गैंगस्टर शब्बीर आलम अंबिकापुर के मोमिनपुरा में 13 साल से छिपा था। जब धनबाद पुलिस उसे पकडऩे पहुंची तो स्थानीय लोगों की मदद से वह फरार हो गया था।

Wasseypur Gangster, गैंगस्टार शब्बीर आलम (Photo- Patrika)

गैंगस्टर शब्बीर आलम को राजहंस व शमीम बस के संचालक वैदुल खान ने यह जानते हुए भी पनाह दी थी कि वह दोहरे हत्याकांड (Wasseypur Double murder) का आरोपी है तथा वर्ष 2018 में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इस मामले में वैदुल खान के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अब वासेपुर के एक और गैंगस्टर का नाम सामने आ रहा है, जिसका नाम शाकिब आलम है।

Wasseypur Gangster, गैंगस्टर शाकिब अफजल (Photo- Patrika)

वह पिछले 15 साल से पहचान छिपाकर अंबिकापुर में रह रहा था। बताया जा रहा है कि शहर से लगे लालमाटी में एक पंडो की जमीन पर उसने कब्जा कर आलिशान मकान बनाया है। वह गैंगस्टर शब्बीर आलम और बस संचालक वैदुल खान के फरार होने के बाद से उनका कारोबार संभाल रहा था। पुलिस अब उसकी भी तलाश में जुट गई है।

बस, एंबुलेंस और जमीन का कारोबार

गैंगस्टर शब्बीर आलम ने राजहंस कंपनी की 2 बसें खरीदी थीं, जिसे वह कोरबा से पटना बिहार रूट पर चलवा रहा था। इसके अलावा शमीम व राजहंस बस के संचालक वैदुल खान (Bus owner Vaidul Khan) के साथ मिलकर सिंडिकेट में करीब 40 एंबुलेंस एसईसीएल व अन्य औद्योगिक क्षेत्र में चलवा रहा था। वहीं वह रियल इस्टेट के कारोबार भी कर रहा था। अंबिकापुर में उसने आलिशान मकान बनवाया है।

Wasseypur Gangster, बस संचालक वैदुल खान (Photo- Patrika)

Wasseypur gangster news: सहयोगियों पर एफआईआर दर्ज

धनबाद पुलिस 15 दिन पूर्व जब गैंगस्टर शब्बीर आलम (Wasseypur gangster Shabbir Alam) को पकडऩे आई थी तो मोमिनपुरा के स्थानीय लोगों ने उसे भगाने में सहयोग किया था। बता दें कि धनबाद पुलिस बिना सरगुजा पुलिस को जानकारी दिए शब्बीर आलम को पकडऩे पहुंची थी। उसके फरार हो जाने के बाद उन्होंने सरगुजा एसपी को जानकारी दी थी।

इसी क्रम में धनबाद पुलिस बुधवार को अंबिकापुर पहुंची और गैंगस्टर को भगाने में सहयोग करने वालों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है।

Updated on:
15 Jul 2026 08:58 pm
Published on:
15 Jul 2026 08:47 pm