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Ambikapur News: कभी खिडक़ी तो कभी दरवाजा तोडक़र बाल संप्रेक्षण गृह से भाग रहे अपचारी, 1 साल पहले गार्ड की आंखों में झोंका था मिर्च पाउडर

Ambikapur: Juvenile Observation Home: अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह का दरवाजा तोडक़र रात में भाग निकले 13 अपचारी बालक, 22 दिन पहले ही भागा था मास्टर माइंड, लौटने के बाद इस बार 13 को भगाया
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Juvenile observation home

Ambikapur new, अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (Photo- Video grab)

अंबिकापुर। बाल संप्रेक्षण गृह (Juvenile Observation Home) की कभी खिडक़ी तो कभी दरवाजा तोडक़र अपचारी बालक फरार हो रहे हैं। पिछले 22 दिन में दूसरी बार ऐसा हुआ कि यहां से अपचारी बालक फरार हुए। मई 2025 में गार्ड की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक कर 6 अपचारी फरार हुए थे। ताजा मामलामामला अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार की रात सामने आया है। यहां पुराने दरवाजे को तोडक़र 13 अपचारी बालक फरार हो गए। इनमें मास्टर माइंड भी शामिल है, जो पिछले महिला 11 बच्चों के साथ फरार हो गया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बाल संप्रेक्षण गृह की ये कैसी सुरक्षा व्यवस्था है? जहां से बच्चे बार-बार फरार हो जा रहे हैं।

बता दें कि 3 दिन पहले ही बिलासपुर में गार्ड की हत्या (Guard murder in Bilaspur) कर बाल संप्रेक्षण गृह से 4 अपचारी बालक फरार हो गए थे। यह मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है। बाल अपचारी अब जान लेने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। 14 जुलाई की रात करीब 8 बजे अंबिकापुर के बिशुनपुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 14 अपचारी बालक पुराने दरवाजे को तोडक़र बाहर परिसर में निकल गए।

इनमें से एक को तो पकड़ लिया गया, लेकिन अन्य 13 दीवार फांदकर भाग निकले। सूचना पर परिवीक्षा अधिकारी समेत गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु की। पता चला कि अपचारी बालकों में एक मास्टर माइंड भी शामिल है, जो 23 जून को भी बाल संप्रेक्षण गृह (Ambikapur Juvenile observation home news) से 10 अपचारी बालकों के साथ फरार हुआ था।

हालांकि पुलिस की टीम उसे ढूंढ पाने में सफल हो गई थी। बताया जा रहा है कि रात में ही पुलिस ने 2 अपचारी बालकों को बरामद कर लिया, जबकि 11 की तलाश जारी है। पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत अन्य संभावित जगहों पर दबिश दे रही है। वहीं उनके परिजन से संपर्क कर बालकों के बारे में पता चलने पर सूचना देने कहा है।

Juvenile observation home security: सुरक्षा व्यवस्था में चूक

23 जून को भी अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक फरार हुए थे। इस दौरान उन्होंने खिडक़ी तोडक़र वारदात को अंजाम दिया था। इनमें से 9 को या तो पुलिस पकडक़र ले आई या वे खुद लौट गए थे। अपचारी बालकों के भागने की घटना के बाद कलेक्टर व एसएसपी ने संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया था।

इस दौरान यह बात सामने आई थी कि यहां के खिडक़ी-दरवाजे पुराने व जर्जर हालत में हैं। इसे देखकर कलेक्टर ने व्यवस्था इन्हें बदलने के निर्देश दिए थे, लेकिन लचर कार्यप्रणाली की वजह से सुरक्षा की अनदेखी की गई। नतीजा यह हुआ कि अपचारी बालक 22 दिन में दोबारा घटना को अंजाम देने में सफल रहे।

परिवीक्षा अधिकारी का है ये कहना

बाल संप्रेक्षण गृह (Ambikapur Juvenile observation) की परिवीक्षा अधिकारी शमा नूरी का कहना है कि अभी अधीक्षक छुट्टी पर हैं, ऐसे में 2 सप्ताह के लिए उन्हें यहां का प्रशासनिक प्रभार मिला हुआ है। उन्होंने बताया कि अपने साथ 12 अन्य अपचारी बालकों को भगाने में मास्टर माइंड अपचारी का हाथ है। उसने 3 पुराने तथा 10 नए अपचारी बच्चों को भगाया है।

उन्होंने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा के लिहाज से वे 23 जून की घटना के बाद एसएसपी से मिलकर नगर सैनिकों को वहां पदस्थ करने की मांग की थी, इस पर आश्वासन मिला था। वहीं पुराने व जर्जर खिडक़ी-दरवाजों की मरम्मत और बदलने का काम चल ही रहा है, इसी बीच यह घटना हो गई।

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