
अंबिकापुर। झारखंड के धनबाद जिले के वासेपुर गैंगस्टर शब्बीर आलम (Wasseypur gangster Shabbir Alam) ने अपने भाई व साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2001 में कोल माफिया व डॉन फहीम खान की मां और मौसी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2013 में वह पेशी के दौरान धनबाद कोर्ट से फरार हो गया था। वह पिछले 13 साल से अंबिकापुर के मोमिनपुरा में छिपकर रह रहा था। गैंगस्टर के अंबिकापुर में रहने के खुलासे के बाद सरगुजा पुलिस ने बाहरी राज्यों से आकर जिले में रह रहे लोगों के सत्यापन का अभियान तेज कर दिया है। पुलिस का उद्देश्य जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। सत्यापन का काम भाजपा पार्षद आलोक दुबे की मांग पर आईजी द्वारा कराई जा रही है।
डीआईजी व सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर सरगुजा जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को बाहरी राज्यों से आए लोगों की पहचान कर उनका पुलिस सत्यापन (मुसाफिरी) तथा संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के तहत पुलिस टीमों ने अंबिकापुर शहर व आस-पास किराए के मकानों, निचली बस्तियों, अंदरूनी कॉलोनियों, होटल-ढाबों, पान ठेलों, गुमटियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा बस-ट्रक संचालकों के यहां कार्यरत चालक, परिचालक, क्लीनर सहित अन्य कर्मचारियों की जांच की। इस दौरान उनसे पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए और उनका भौतिक सत्यापन किया गया।
पुलिस ने मकान मालिकों, होटल संचालकों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और कर्मचारियों की जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध कराएं। साथ ही यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार संदिग्ध प्रतीत हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
सघन जांच अभियान (Police verification) के दौरान पुलिस ने करीब 125 मकानों एवं व्यावसायिक संस्थानों में रह रहे लगभग 450 लोगों के पहचान पत्रों का सत्यापन किया। आसपास के लोगों को भी अपने क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के निवास की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा हो या उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हों तो इसकी सूचना सरगुजा पुलिस हेल्पलाइन नंबर 9479193599 या डायल-112 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
धनबाद का गैंगस्टर मोहम्मद शब्बीर वर्ष 2001 में डॉन फहीम खान की मां व मौसी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2013 में कोर्ट से पेशी के दौरान वह फरार होकर अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। वह राजहंस बस के मालिक बैदुल खान के साथ मिलकर बसों, एंबुलेंसों का संचालन करा रहा था। इसके अलावा वह जमीन के कारोबार में लगा था।
वह अंबिकापुर में बड़े ही मौज से रह रहा था। इसकी जानकारी होने पर धनबाद पुलिस एक सप्ताह पूर्व अंबिकापुर पहुंची थी। लेकिन स्थानीय पुलिस (Surguja police) को सूचना नहीं दी थी। इसी बीच वह और उसका साथी जावेद पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
भाजपा नेता व पार्षद आलोक दुबे ने 8 जुलाई को आईजी दीपक झा को ज्ञापन सौंपकर अंबिकापुर के विभिन्न क्षेत्रों में बाहर से आकर रह रहे लोगों की सत्यापन करने की मांग की थी। आईजी के निर्देश पर शहर के तीनों थाना गांधीनगर, कोतवाली व मणिपुर ने शहर में बाहर से आकर किराए में रह रहे लोगों के वेरिफकेशन की कार्रवाई शुरु कर दी है।