मुखबिर की सूचना पर अंबिकापुर में कोतवाली पुलिस ने धरदबोचा, शक होने पर बस से उतरकर दूसरी बस का कर रहा था इंतजार
अंबिकापुर. कोतवाली पुलिस ने शहर के संजय पार्क स्थित त्रिपाठी पट्रोल पंप के पास से शुक्रवार की सुबह 24 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक बिहार का रहने वाला है। वह एमपी के राजनगर से शराब खरीद कर अंबिकापुर बस स्टैंड में उतरा था। यहां से वह बिहार जाने वाली बस से जा रहा था।
संदेह होने पर वह संजय पार्क स्थित त्रिपाठी पेट्रोल पंप के पास उतर गया तथा दूसरी बस का इंतजार करने लगा। इसी दौरान कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर कर लिया। पुलिस ने शराब जब्त कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। गौरतलब है कि बिहार में शराब पर बेचने व पीने पर प्रतिबंध है।
बिहार के औरंगाबाद जिले के ग्राम तेतराइन निवासी 25 वर्षीय नीतेश उर्फ सोनू सिंह पिता सुनील सिंह अवैध अंग्रेजी शराब का कारोबार करता है। वह कोलकाता, झारखंड, छत्तीसगढ़ व एमपी से कम दामों में अंग्रेजी शराब खरीदकर बिहार में ले जाकर ज्यादा दामों में बेचता था।
शुक्रवार की सुबह कोतवाली पुलिसर को मुखबिर से सूचना मिली की शहर के संजय पार्क स्थित त्रिपाठी पेट्रोल पंप के पास एक युवक दो बैग में अंग्रेजी शराब लेकर खड़ा है। वह बिहार जाने वाली बस का इंतजार कर रहा है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इस दौरान युवक पुलिस को देख कर भागने लगा।
पुलिस ने उसे दौड़कर पकड़ लिया। पुलिस ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो दोनों बैग में ३२ बोतल में 24 लीटर अंग्रेजी रॉयल स्टैग शराब थी। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर शराब को जब्त कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह एमपी के राजनगर से शराब खरीदकर बिहार ले जा रहा था।
वह एमपी से 15 हजार में शराब खरीदा था और उसे बिहार ले जाकर एक एजेंट को देता। वहां प्रति बोतल पर 200 रुपए का उसे फायदा होता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में एसआई चेतन सिंह चंद्राकर, आरक्षक प्रवीण सिंह, सम्मी साकेत, अनिल परिहार व अभय चौबे शामिल थे।
दो युवक आए थे साथ में
नितेश ने पुलिस को बताया उसके साथ एक और युवक बिहार से शराब खरीदने आया था। उसका नाम विनय सिंह पिता नागेश्वर सिंह औरंगाबाद के नबीनगर का रहने वाला है। दोनों एमपी के राजनगर से शराब खरीदकर बस में बैठकर अंबिकापुर बस स्टैंड पहुंचे। यहां से उक्त बस से ही बिहार चला गया, जबकि वह उतर गया था।