अंबिकापुर

पढ़ाने के नाम पर 2 बालिकाओं को झारखंड से लाई थी महिला, यहां कराने लगी ये काम, चंगुल से भाग निकलीं लेकिन…

ऑटो चालक को संदेह होने पर दोनों बालिकाओं को बस स्टैंड में कोतवाली में पहुंचाया, चाइल्ड लाइन के सामने दोनों ने बताई सच्चाई

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अंबिकापुर. शहर के कई घरों में नाबालिग बच्चियों से बाल मजदूरी कराई जा रही है। ऐसा ही एक मामला शहर के मायापुर में आया है। काम व प्रताडऩा से तंग आकर दो मासूम बच्चियों यहां से भाग कर अपने घर झारखंड के गढ़वा जाने निकल गई थीं। उन्हें एक ऑटो चालक ने कोतवाली पहुंचा दिया।

पुलिस ने बच्चियों से पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बोल पा रहीं थीं फिर पुलिस ने इसकी जानकारी चाइल्डलाइन को दी। चाइल्डलाइन ने बच्चियों को अपने साथ ले गई और जानकारी जुटा रही है।

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इस दौरान बच्चियों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई कराने के नाम पर झांसा देकर यहां लाई थी, लेकिन पढ़ाने की जगह घरों में काम पर लगा दिया गया। घर मालिकों द्वारा काम में छोटी सी भी गलती होने पर सजा दी जाती थी। इसी से तंग आकर शनिवार को भागने की तैयारी की थी।


शहर के मायापुर की ललिता जायसवाल नामक महिला झारखंड के गढ़वा से 10-10 साल की दो बालिकाओं को पढ़ाई कराने के नाम पर बुलाई थी। यहां बालिकाओं को पढ़ाई कराने के बजाए घर में काम कराया जा रहा था। वहीं काम के दौरान कोई छोटी-मोटी गलती होने पर उन्हें प्रताडि़त किया जाता था। इससे दोनों बच्चियों काफी परेशान व दुखी रहती थीं।

ललिता जायसवाल किसी काम से बाहर गई थी। इसी का फायदा उठाते हुए दोनों बालिकाओं ने यहां से भाग कर अपने घर जाने का पलान बनाया। दोनों बालिकाएंं प्लास्टिक के झोले में कपड़ा लेकर ऑटो से बस स्टैंड जा रही थी। इस दौरान ऑटो चालक को कुछ संदेह हुआ और दोनों को कोतवाली पहुंचा दिया।

पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो वे कुछ नहीं बोल रहीं थीं। पुलिस ने इसकी जानकारी चाइल्डलाइन को दी। चाइल्डलाइन की टीम कोतवाली पहुंच कर दोनों को अपने साथ ले गई।


छोटी गलती की मिलती थी बड़ी सजा
चाइल्डलाइन की टीम ने दोनों बच्चियों का काउंसिलिंग किया। इस दौरान मासूम बच्चियों ने बताया कि हमे यहां पढ़ाई करने के नाम पर बुलाया गया था। यहां आने के बाद हमसे घर का काम कराया जाता था। वहीं काम के दौरान कुछ छोटी-मोटी गलती होने पर हमलोगों को रात भर खड़ा करा दिया जाता था। वहीं कई तरह का प्रताडि़त किया जाता था।


बाल मजदूरी का सामने आया है मामला
चाइल्डलाइन की टीम ने दो बच्चियों को संरक्षण में लिया है। बच्चियों से पूछताछ के दौरान बाल मजदूरी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट बनाकर बालकल्याण समिति में पेश की जाएगी।
मनोज भारती, सचिव एमएसएसव्हीपी

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Published on:
18 Nov 2018 01:45 pm
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