
अंबिकापुर. सरगुजा संभाग में लकड़ी की तस्करी धड़ल्ले से जारी है। वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण जंगल काटे जा रहे हैं। विभाग के हाथों कभी-कभार तस्कर पकड़े जाते हैं, कई मामलों में पुलिस इन तस्करों को पकडऩे में कामयाब रहती है। इसी कड़ी में रविवार की रात भी मुखबिर की सूचना पर चलगली पुलिस ने लकड़ी तस्करी (Wood Smuggling) की सूचना मिलते ही कार्रवाई की।
पीछा करने के दौरान अवैध चिरान से भरी तस्करों की कार पेड़ से टकरा गई और अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भागने में कामयाब रहे, लेकिन पुलिस ने चिरान से भरी कार जब्त कर ली। अब कार नंबर व मोबाइल के आधार पर पुलिस आरोपियों की खोजबीन में जुटी है।
बलरामपुर जिले की चलगली पुलिस को लंबे समय से ग्राम केरता व मानिकपुर जंगल से लकड़ी तस्करी (Wood Smuggling) की सूचना मिल रही थी। रविवार की रात पुलिस की टीम रात्रि गश्त पर निकली थी। इसी बीच उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि मानिकपुर जोबा जंगल में हुंइई कार क्रमांक सीजी 10 एफ-0621 से लकड़ी की तस्करी हो रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मानिकपुर घटवरिया के पास जोबा जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस को देखकर लकड़ी तस्कर कार में सवार होकर भागने लगे। पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो कार पेड़ से टकरा गई। इसके बाद कार में सवार तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले।
फिर पुलिस वहां पहुंची और तलाशी ली तो कार में 10 नग लकड़ी का चिरान लोड था, इसके अलावा कार में एक मोबाइल भी मिला। पुलिस ने चिरान सहित कार को जब्त कर लिया। (Wood Smuggling)
अज्ञात तस्करों के खिलाफ अपराध दर्ज
पुलिस ने जब्त कार की कीमत 2 लाख रुपए, चिरान की 5 हजार तथा मोबाइल की कीमत 1 हजार रुपए बताई है। पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ धारा 41 (1-4), 379 के तहत अपराध दर्ज कर कार व मोबाइल नंबर के आधार पर उनकी खोजबीन शुरु कर दी है।
कार्रवाई में चलगली थाना प्रभारी एसआई संपत पोटाई, एसआई शांतिलाल कुजूर, एएसआई बैजनाथ राम, आरक्षक पंकज पटेल, संतोष गुप्ता, सचित कुशवाहा, राजेंद्र लकड़ा व बंधेश्वर राम सक्रिय रहे।