
Ambikapur news, मृत आरक्षक व मोबाइल पर आया मैसेज (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। जशपुर जिले के एक आरक्षक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 4 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी। ऐसे में मृत्यु प्रमाण पत्र (Death certificate) भी जारी हो गया। आरक्षक की मौत के 37 दिन बाद ‘आयुष्मान सारथी’ से उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि आप स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत उसे अस्पताल में 42 दिन तक भर्ती दिखाया गया। मोबाइल पर मैसेज देखते ही आरक्षक की नर्स पत्नी के होश उड़ गए। उसने कहा कि पति की मौत के बाद ऐसा मैसेज आना पीड़ादायक है। उसने आरोप लगाया कि यह तकनीकी त्रुटी है या आयुष्मान योजना को कोई बड़ा खेल चल रहा है। उसने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जशपुर जिले के ग्राम कटंगखार निवासी देवनारायण राम पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। तबियत खराब होने पर उसे 26 जून 2026 को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां आयुष्मान योजना (Ayushman Yojana) के तहत उसका इलाज चल रहा था। इसी बीच 30 जून को उसकी मौत हो गई थी।
आरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Constable Death Certificate) भी जारी कर दिया गया था। इसी बीच उसके मोबाइल पर आयुष्मान सारथी योजना से मैसेज आया कि आप स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। उक्त मैसेज में बकायदा अस्पताल में भर्ती की तारीख के साथ ही 6 अगस्त को डिस्चार्ज की तारीख लिखी हुई थी। मैसेज देखते ही पत्नी सीमा कुजूर के होश उड़ गए।
मृत आरक्षक की पत्नी सीमा कुजूर जशपुर जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स है। उसका कहना है कि मेरे पति की मौत 30 जून को ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो गई थी। इसके बाद भी उन्हें आयुष्मान योजना के तहत 42 दिन तक भर्ती दिखाया गया। वहीं लिखा गया है कि ‘प्रिय रामनारायण राम, आप स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं। यह वाकई पीड़ादायक है।
सीमा कुजूर का कहना है कि उसके मृत पति को जीवित दिखाकर 42 दिन तक इलाज चलता रहा। यह तकनीकी त्रुटी है या आयुष्मान योजना कोई बड़ा खेल तो नहीं चल रहा है। उसने जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के सीएस आरसी आर्या का कहना है कि यह ऑटो जेनेरेटेड मैसेज है। हमारे यहां से नहीं गया है। 30 जून को ही मरीज का आयुष्मान कार्ड ब्लॉक (Ayushman card block) कर दिया गया था। मरीज आईसीयू में भर्ती था, 5 दिन का ही बिल उसके कार्ड से कटा है। इस तरह के मैसेज मिलना किसी भी परिवार के लिए भी ठीक नहीं है। मैं रायपुर स्थित संबंधित विभाग को लेटर लिखूंगा।
Updated on:
10 Aug 2026 06:30 pm
Published on:
10 Aug 2026 06:30 pm
