दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन की चपेट में आकर युवक का कट गया था पैर, मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में तोड़ा दम
अंबिकापुर. बड़े भाई के साथ दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन से आ रहा युवक पानी लेने कमलपुर स्टेशन पर उतरा था। ट्रेन जब अंबिकापुर की ओर बढ़ी तो युवक चढऩे के प्रयास में गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गया। इससे उसका पैर कट गया। दर्द से वह पटरी पर कराह रहा था।
बड़ा भाई सहित वहां के लोगों ने उसे उठाया और संजीवनी को सूचना दी। 1 घंटे बाद संजीवनी उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की ओर बढ़ी। जब वह अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने जांच पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। यह देख बड़े भाई के रोने का ठिकाना न रहा।
अंबिकापुर रेलवे के थाना प्रभारी के घर में भोजन बनाने वाले सूरजपुर के ग्राम ऊंचडीह निवासी ३० वर्षीय महेश गुप्ता पिता अर्जुन गुप्ता शुक्रवार की सुबह दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन से अपने बड़े भाई राजेश गुप्ता के साथ अंबिकापुर आ रहा था। कमलपुर स्टेशन से ट्रेन बढऩे के थोड़ी देर बाद अचानक तेज आवाज के साथ रूक गई।
ट्रेन में सवार यात्रियों ने नीचे उतर कर देखा तो महेश गुप्ता पटरी के किनारे पड़ा हुआ था और उसका पैर कट चुका था। उसके बड़े भाई राजेश गुप्ता ने भी ट्रेन से नीचे उतरकर देखा तो भाई तड़प रहा था। इसकी सूचना तत्काल लोगों ने 108 नंबर पर दी।
संजीवनी से घायल महेश को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।
सूचना के बाद भी 1 घंटे देर से पहुंची 108
ट्रेन से पैर कटने के बाद युवक पटरी पर ही तड़प रहा था। इसकी सूचना 9 बजे ही 108 नम्बर पर दे दी गई थी। लेकिन संजीवनी एक्सप्रेस के आने में लगभग १ घंटे से भी अधिक का समय लग गया। १ घंटे देर से मौके पर संजीवनी के पहुंचने से युवक इतनी देर तक तड़पता रहा। जब तक संजीवनी उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पानी लेने उतरा था ट्रेन से
यात्रियों के अनुसार मृतक संभवत: कमलपुर स्टेशन पर पानी लेने उतरा था। ट्रेन को चलता देख वह दौड़कर उसपर चढऩे का प्रयास किया होगा। इससे उसका पैर फिसल गया होगा और वह ट्रेन से नीचे गिर गया। ट्रेन की चपेट में आ जान से उसका पैर कट गया होगा। एक घंटे तक तड़पते रहे युवक का काफी रक्त स्त्राव हो जाने की वजह से उसकी मौत हो गई।