
Protest against Vice-chancelor
अंबिकापुर. सरगुजा विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि के खिलाफ बजरंग दल और एनएसयूआई के आक्रोशित विद्यार्थियों ने आंदोलन किया। इस दौरान उन्होंने कुलपति के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कुछ नारे अपमानजनक भी थे। विद्यार्थियों की जायज मांग के आगे विश्वविद्यालय प्रबंधन मजबूरन सीमित शुल्क कम करने का निर्णय एसडीएम अजय मिश्रा के माध्यम से किया।
परीक्षा शुल्क की बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थियों ने दोपहर 12.30 बजे विश्वविद्यालय परिसर पहुंच कर जोरदार हंगामा किया। विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के पवन पाडेय और एनएसयूआई के सतीश बारी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर तानाशाही चलाते हुए शुल्क वृद्धि का आरोप लगाया।
तीव्र विरोध के दौरान आंदोलित विद्याथियों ने कुलपति मुर्दाबाद, कुलपति होश में आओ आदि अपमानजनक नारे लगाए। विद्यार्थियों के प्रखर रवैये को देखते हुए एसडीएम अजय मिश्रा, सीएसपी आरनएन यादव, टीआई विनय सिंह, एसआई सतीश सोनवानी ने कई बार स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया।
उन्होंने आंदोलित विद्यार्थियों को सीएमएचओ कार्यालय के सामने ही रोक लिया। सीमएमएचओ कार्यालय के सामने पहुंचे पुलिस और विद्यार्थियों में बात हुई। विरोध कर रहे छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंच गये।
5 छात्रों के साथ कुलपति से मिले छात्र नेता
सतीश बारी और पवन पांडेय के नेतृत्व में पांच विद्यार्थियों को कुलपति से मिलवाने, बात करने का प्रस्ताव अजय मिश्रा, आरनएन यादव, विनय सिंह ने रखा। विद्यार्थियों से कुलपति ने अपने कक्ष में ही बात की। कुलपति के अडिय़ल रवैये के कारण छात्र उनके कक्ष में नारेबाजी करने लगे। इस दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से कुलपति कक्ष से मीडिया को बाहर रखा गया।
छात्रों के तीव्र विरोध के कारण एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई। छात्र जबरिया गेट को धक्का दे कर परिसर में प्रवेश कर गये। आक्रोशित छात्र विश्वविद्याल भवन के गेट पर आ कर बैठ गए। छात्रों को भवन के गेट के बाहर ले जाने के लिए पुलिस और प्रशासन के लिए एलएलबी की बढ़ी फीस को ही कम करने की बात करने लगे। भवन के सामने बैठे छात्रों को परिसर से बाहर लाया गया।
छात्रों और कुलपति के बीच में अजय मिश्रा, आरनएन यादव, विनय सिंह कई बार संदेश वाहक की भूमिका में दिखे। 15 से 25 फीसदी शुल्क कम करने को लेकर लगातार बार बहस होती रही। बाहर तीव्र विरोध के स्वर उठते रहे।
एलएलबी के बढ़े शुल्क को लगभग पिछले वर्ष बराबर तथा अन्य पाठयक्रमों में बढ़े शुल्क का २० से ३० फीसदी कम करने का आश्वासन दिया। विलम्ब शुल्क 150 से 500 रुपए किया गया था, इसे दो चक्र में विभाजित कर दिया गया है। प्रथम चक्र निर्धारित अवधि में 200 रुपए तथा दूसरे में कुछ ज्यादा किया जाएगा। एसडीएम अजय मिश्रा ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि शुक्रवार शाम तक शुल्क कमी का आदेश आ जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान अनिरूद्ध मिश्रा, उत्कर्ष केसरवानी, आशीष जायसवाल, सूरज गुप्ता, सुरेन्द्र गुप्ता, द्वीप सिंहं, आनन्द साहू, धीरज पटवा, अभिनव पांडेय, रंजित ठाकुर, मुकेश जायसवाल, बबलू राजवाड़े, अभिमन्य साहू, देवेश, अंकित, रोहन श्रीवास्तव, इस्तियाक, अकबर, राजा आदि उपस्थित रहे।
स्वाध्यायी विद्यार्थियों की फीस रहेगी यथावत
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मध्यस्थों के माध्यम से विरोध कर रहे विद्यार्थियों को कहलवाया कि स्वाध्यायी विद्यार्थियों का शुल्क यथावत रहेगा। नियमित विद्यार्थियों के शुल्क में कमी की गई है लेकिन स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए विकल्प है कि वे दूसरे विश्वविद्यालय से पंजीयन कराएं।
विवि ने उठाया बार कौंसिल ऑफ इंडिया का मुद्दा
विधिक अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक समन नारायण उपाध्याय ने कहा कि पीजी कॉलेज में विधि की कक्षा सुबह में लगती हैं। विधि की कक्षाएं सुबह लगाया जाना बार कौंसिल ऑफ इंडिया के मानक के अनुसार नहीं है। विरोध कर रहे छात्रों का जवाब देते हुए डीपीएस तिवारी ने कहा, 'कॉलेज से कहिए वह नैक कराए। नैक नहीं कराने के कारण बार कौंसिल ऑफ इंडिया मान्यता नहीं दे रही है'।
पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
सुरक्षा व्यस्था सम्भाल रहे पुलिस के जवानों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से प्रशासनिक भवन के गेट पर धक्का मुक्की भी हुई। विरोध कर रहे विद्यार्थी मुख्य भवन तक आ गए थे।
कार्य परिषद पर टालता रहा विवि प्रबंधन
'कार्य परिषद ने शुल्क बढ़ाया है। कार्य परिषद में शुल्क कम करने का निर्णय लिया जा सकता है'। कार्य परिषद का हवाला देने पर विद्यार्थी और उग्र हो गए थे। विद्यार्थियों ने कहा कि कार्य परिषद की बैठक की सूचना समय पर नहीं दी जाती है। कार्य परिषद की बैठक का कोरम नहीं पूरा होता है। कोरम के अभाव में बिना सूचना दिए ही निर्णय कर लिए जाते हैं। निर्णय के बाद सदस्यों से हस्ताक्षर कराए जाते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा था पत्र
शुल्क वृद्धि के खिलाफ बजरंग दल ने 19 दिसम्बर 2017 तथा 15 जनवरी 2018 तथा युवा कांग्रेस ने 17 जनवरी को कुलपति को ज्ञापन दिया था। १७ जनवरी को ही कुलपति को नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी पत्र लिखा था।
Published on:
19 Jan 2018 05:02 pm
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