
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत पंपापुर निवासी एक युवक को ढाई माह पूर्व कुत्ते ने हाथ में काट (Dog bite young man) लिया था। श्वान के काटने के बाद उसने अस्पताल में इलाज नहीं कराया था और न ही एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया था। वह गांव में ही जड़ी-बूटी से इलाज करा रहा था। इसी बीच 2 दिन पूर्व उसकी तबियत अचानक बिगडऩे गई। उसके हाथ में तेज दर्द उठा। इसके बाद परिजनों द्वारा उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी मौत हो गई। 21 वर्षीय युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम पंपापुर निवासी प्रदीप कुमार पिता रामधनी चौधरी उम्र 21 वर्ष करीब ढाई माह पूर्व गांव में ही घूम रहा था। इसी दौरान उसे एक आवारा कुत्ते ने हाथ में काट लिया था। कुत्ते द्वारा काटे (Dog bite in hand) जाने की बात उसने घरवालों समेत अपने दोस्तों को भी बताई। कुछ लोगों ने उसे अस्पताल में जाकर इलाज कराने की बात कही थी।
लेकिन वह अस्पताल न जाकर गांव में ही जड़ी-बूटी से इलाज (Treatment) कराता रहा। यहीं उससे बड़ी गलती हो गई। यदि समय पर उसने एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लिया होता तो उसकी जान पर नहीं चली जाती। वह अंधविश्वास में पडक़र गांव में ही इलाज करा रहा था। बीच-बीच में उसकी हाथ में दर्द भी होता था, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहा था।
इसी बीच 14 सितंबर को उसके हाथ में असहनीय दर्द शुरू हो गया। यह बात उसने परिजनों को बताई। इसके बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल में ले गए। निजी अस्पताल में एटीं रेबीज का इंजेक्शन नहीं होने पर डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इसके बाद परिजन ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान 15 सितंबर की शाम उसकी मौत (Young man died due to dog bite) हो गई। युवक की मौत से उसके माता-पिता समेत अन्य परिजनों में मातम पसरा हुआ है। अब घरवाले भी खुद को कोस रहे हैं कि उन्होंने भी यदि समय रहते उसका उचित इलाज करा दिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।