
अंबिकापुर/लटोरी. एसईसीएल के कैंप में रहकर काम करने वाले झारखंड के एक व्यक्ति का सामना रात में धरती के सबसे बड़े जानवर यानी हाथी से हो गया। हाथी को देखकर वह जान बचाने भागा लेकिन हाथी ने उसे सूंड से उठाकर खेत में पटक दिया। कई बार पटके जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह वहां से गुजरने वाले लोगों ने उसकी लाश देखी तो पता चला कि हाथी ने उसे मार डाला है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को मुआवजा प्रदान किया।
हाथियों के आतंक से सूरजपुर व सरगुजा जिला थर्रा रहा है। इनके द्वारा जहां हर दिन फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है वहीं लोगों की जान भी ली जा रही है। सूरजपुर जिले में अलग-अलग दल में हाथी विचरण कर रहे हैं। सोमवार की रात भी हाथियों ने एक व्यक्ति को मार डाला।
सूरजपुर जिले के लटोरी से लगे ग्राम हरिपुर से लगे बनियापारा के एसईसीएल कैंप में रहकर जीतन सिंह खैरवार पिता स्व. पीतांबर 45 वर्ष काम करता था। सोमवार की रात में वह काम करने के बाद वापस लौट रहा था। वह हरिपुर में पहुंचा ही था कि 25 हाथियों के दल से बिछड़कर पहुंचे एक हाथी से उसका सामना हो गया।
अंधेरे में अचानक हाथी को सामने देखकर वह जान बचाकर भागने लगा लेकिन हाथी ने उसे दौड़ाकर सूंड में लपेट लिया। इसके बाद उसने उसे जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला। जब सुबह तक मृतक अपने रूम में नहीं पहुंचा तो परिजन उसे खोजने निकले। इसी बीच उसकी लाश खेत में पड़ी मिली। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना पर पहुंचा वन अमला
हाथियों द्वारा ग्रामीण के मारे जाने की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पंचनाता पश्चात शव को पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भिजवाया। पीएम पश्चात उन्होंने शव परिजनों को सौंप दिया। विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि भी प्रदान की गई।