अमरीका

सुप्रीम कोर्ट के नामित जज ब्रेट कैवनॉग पर लगा एक और यौन शोषण का आरोप, बचाव में उतरा ट्रंप प्रशासन

जज ब्रेट कैवनॉग एक नए विवाद में घिर गए हैं। उन पर एक और महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिला का नाम डेबरा रामीरेज है जिसकी उम्र 53 साल है।
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Updated: 24 Sep 2018, 3:59 PM IST
 Brett Kavanaugh
सुप्रीम कोर्ट के नामित जज ब्रेट कैवनॉग पर लगा एक और यौन शोषण का आरोप, बचाव में उतरा ट्रंप प्रशासन

वाशिंगटनः अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के नामित जज ब्रेट कैवनॉग एक नए विवाद में घिर गए हैं। उन पर एक और महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिला का नाम डेबरा रामीरेज है जिसकी उम्र 53 साल है। ये मामला 1983-84 के बीच का है जब येल यूनिवर्सिटी में आरोप लगाने वाली महिला और ब्रेट कैवनॉग पढ़ाई कर रहे थे। महिला ने इसी विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र और मनोविज्ञान की पढ़ाई की है। पहले से ही यौन शोषण के मामले में घिरे कैवनॉग पर लगे नए आरोप ने उनके लिए मुश्किलें और बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर कैवनॉग की नियुक्ति खतरे में पड़ सकती है।

मामला की हो रही है जांच
जज ब्रेट कैवनॉग पर लगे ताजा आरोप की जांच डेमोक्रेटिक पार्टी के दो सीनेटर कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उधर, ट्रंप प्रशासन एक बार फिर ब्रेट कैवनॉग के समर्थन में आ गया है। वाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 35 साल पहले इस तरह की कथित घटना का कोई मतलब नहीं है। यह राजनीति से प्रेरित घटना प्रतीत होती है। वाइट हाउस की प्रवक्ता केरी क्यूपेक ने कहा कि विपक्षी डेमोक्रेट्स की तरफ से जज को बदनाम करने के लिए दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया जा रहा है।

क्रिस्टिन ब्लेसी फॉर्ड ने भी लगाया था आरोप
सर्वोच्च न्यायालय के लिए नामित ब्रेट कैवनॉग पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पहली महिला सीनेट के सामने गुरुवार को पेश होकर अपना बयान दर्ज करा सकती है। इस महिला का नाम क्रिस्टिन ब्लेसी फॉर्ड है, जिसका आरोप है कि 1980 में उसके साथ यौन शोषण हुआ था। इससे पहले पीड़ित महिला के वकील ने बताया था कि सीनेट समिति को बयान देने के अनुरोध को स्वीकर कर लिया गया है। बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि वे यौन उत्पीड़न के आरोपों के संदर्भ में सभी पक्षों की दलीलें सुनना चाहते हैं।

Updated on:
24 Sep 2018, 3:59 PM IST
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