एस्टोनिया में अमरीकी राजदूत ने यूरोपीय सहयोगियों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से खफा होकर पद से इस्तीफा दे दिया।
नई दिल्ली। लगता है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपने प्रशासनिक अधिकारियों से ठीक-ठीक नहीं बन रही। यही कारण है कि एक और अमरीकी राजदूत ने उनकी टिप्पणी से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, एस्टोनिया में अमरीकी राजदूत ने यूरोपीय सहयोगियों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से खफा होकर पद से इस्तीफा दे दिया। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्टोनिया में अमरीका के राजदूत जेम्स डी.मेलविले जूनियर ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। इस तरह वह बीते साल में विदेश विभाग से रुखसत होने वाले तीसरे राजदूत हैं।
मेलविले ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि एक विदेश सेवा अधिकारी के डीएनए में नीति का समर्थन करना कूट-कूटकर भरा होता है और हमें शुरू से यही सिखाया गया है। यदि एक समय ऐसा आता है, जब हम यह करने में सक्षम नहीं हो तो बेहतर यही है कि इस्तीफा दे दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि छह राष्ट्रपतियों और 11 विदेश मंत्रियों के साथ काम करने के बाद मुझे कभी नहीं लगा कि कभी उस स्थिति में पहुंचूगा।
राष्ट्रपति का यह कहना कि ईयू का गठन अमेरिका से लाभ लेने के लिए किया गया और नाटो, नाफ्टा जितना ही बुरा है ये बातें सिर्फ तथ्यात्मक रूप से ही गलत नहीं है बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि अब मेरे जाने का समय आ गया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने भी मेलविले के रुखसत होने की पुष्टि की। वहीं, ट्रंप ने कर कटौती के छह महीने पूरे होने पर इसका जश्न मनाया। इस कर कटौती के देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक नतीजे देखने को मिले थे। व्हाइट हाउस में शुक्रवार को संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त है।