अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि दिनेश डिसूजा की सजा को उनकी सरकार ने पूरी तरह से माफ कर दिया है।
वाशिंगटन : मशहूर भारतीय-अमरीकी राजनीतिक टीकाकार, लेखक और फिल्म निर्माता दिनेश डिसूजा को 4 साल पहले 2014 के चुनाव कैंपेन में गैरकानूनी तरीके से फंड जुटाने के लिए दोषी करार दिया गया था। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कट्टर समर्थक होना उनके काम आ गया। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि दिनेश डिसूजा की सजा को उनकी सरकार ने पूरी तरह से माफ कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि अमरीका की सरकार ने उनके साथ बहुत खराब व्यवहार किया है।
ट्रम्प का यह पांचवां क्षमादान
बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बनने के बाद से अभी तक चार लोगों को क्षमादान दे चुके हैं। यह उनका पांचवां क्षमादान है। इससे पहले बॉक्सर जैक जॉनसन और पूर्व एरिजोना शेरिफ जो अरपायो को माफी दे चुके हैं। जो अरपायो पिछले साल अदालत की अवमानना के दोषी पाए गए थे।
डिसूजा गैरकानूनी तरीके से फंडिंग के थे दोषी
बता दें कि दिनेश डिसूजा का जन्म भारत की आर्थिक महानगरी मुंबई में हुआ है। उनकी उम्र 57 साल है। डिसूजा को 2014 में न्यूयॉर्क के एक नेता के चुनाव प्रचार के लिए 20,000 डॉलर का गैरकानूनी फंडिंग करने का दोषी पाया गया था। इसके लिए उन्होंने दो लोगों से संपर्क किया था। इस आरोप में उन पर फेडरल कोर्ट में मुकदमा चला था और 2014 में ही उन्हें दोषी करार दिया गया था। इसके बाद उन्हें पांच साल के प्रोबेशन की सजा सुनाई थी। इसके बाद से उनका करियर डांवाडोल चल रहा था। लेकिन ट्रम्प के इस अभयदान के बाद उनकी जिंदगी और करियर दोनों के पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
चर्चित फिल्म निर्माता हैं डिसूजा
डिसूजा अमरीका के चर्चित फिल्म निर्माता हैं। 2012 में आई उनकी राजनीतिक डाक्यूमेंट्री फिल्म '2016 : ओबामाज अमरीकाज' देश की दूसरी सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म बन गई थी। यह फिल्म खुद उनके ओबामा विरोधी एक किताब पर आधारित थी। इसके अलावा भी वह कई पुस्तकें लिखीं हैं। उनकी कुछ किताबें न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर सूची में भी नामांकित हैं।
ट्रम्प के हैं समर्थक
डिसूजा ट्रंप के बड़े समर्थकों में माने जाते हैं। वह करीब 20 किताबें लिख चुके हैं। चार फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। हालांकि डिसूजा ने क्षमादान पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ट्रंप के ट्वीट को रिट्वीट जरूर किया है। डिसूजा 1987 से 1988 तक व्हाइट हाउस के नीति विश्लेषक भी रह चुके हैं। व़ह 2010 से 2012 तक न्यूयॉर्क के 'द किंग्स कॉलेज' के अध्यक्ष रह चुके हैं।