अमरीका

ट्रंप ने कहा-देशों के पास पेट्रोलियम की पर्याप्त आपूर्ति, ईरान से आयात करने की जरूरत नहीं

अमरीका पहले भी चेतावनी जारी कर चुका है कि 5 नवंबर के बाद से ईरान से कच्चा तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
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Nov 01, 2018
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वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर पूरी दुनिया को चेतावनी दी है। इस बार उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि देशों के पास पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति इतनी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है कि उन्हें ईरान से काफी कम मात्रा में कच्चा तेल खरीदने की जरूरत है। बता दें कि अमरीका पहले भी चेतावनी जारी कर चुका है कि 5 नवंबर के बाद से ईरान से कच्चा तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

ईरान के साथ दोबारा सख्ती

ट्रंप ने बीते मई में ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अमरीका को अलग करने का फैसला किया था, इसके बाद से ही उसने ईरान के साथ दोबारा सख्ती बरतना शुरू कर दिया। समझौते से पीछे हटते ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर किया, जबकि पहले हुए परमाणु समझौते के बाद ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिली थी। जानकारी के मुताबिक ट्रंप ने अपने ताजा निर्देश में कहा कि ईरान के अलावा अन्य देश भी हैं जहां पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की काफी आपूर्ति है। बाकी देश यहां से अपनी आपूर्ति करके ईरान से तेल आयात में काफी हद तक कमी ला सकते हैं।

4 नवंबर तक कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद करने की चेतावनी

ये कोई शासनादेश नहीं बल्कि वाइट हाउस द्वारा जारी किया गया एक तरह का निर्देश है। बता दें कि ट्रंप ने पहले भी कई बार भारत सहित ईरान से तेल आयात करने वाले दुनियाभर के सभी देशों को चेताया था कि वे आने वाले 4 नवंबर तक कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद कर दें। ऐसा न करने वाले देशों को ईरान की ही तरह प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि इस फरमान पर भारत ने अपनी असमर्थता जताई है। भारत की ओर से 1.30 अरब की आबादी की ऊर्जा जरूरतों का हवाला दिया गया था।

भारत की ओर से आयात में भारी कमी

गौरतलब है कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयातित तेल से पूरा होता है, इसके बावजूद ईरान से कच्चे तेल के आयात में भारत की ओर से भारी कमी दर्ज की गई है। कुछ समय पहले ही अमरीका के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में भारत से चर्चा भी की थी, जिस बारे में कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। साथ ही वाइट हाउस ने अभी इस सवाल का भी जवाब नहीं दिया है कि क्या ईरान से कच्चे तेल की खरीद में भारत की ओर से गई कमी भारी कटौती मानी जाएगी। ट्रंप का अभी तक यही कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हैं।

Published on:
01 Nov 2018 04:51 pm