
ग्वाटेमाला सिटी। ग्वाटेमाला में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में कंजर्वेटिव उम्मीदवार जीत हुई है।अलेजांद्रो गियामाटेई ने खुद को विजयी घोषित किया है। हालांकि, अभी 90 प्रतिशत ही मतगणना ही पूरी हुई। मगर वह अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी आगे हैं जिसे देखते हुए उन्हें विजयी माना जा रहा है। गियामाटेई को 60 प्रतिशत मत मिले हैं।
निवर्तमान राष्ट्रपति जिमी मोराल पर भ्रष्टाचार के आरोप
गियामाटेई के करीबी प्रतिद्वंद्वी पूर्व प्रथम महिला एवं सोशल डेमोक्रेट सैंड्रा टोरेस अभी तक मात्र 40 प्रतिशत ही वोट मिले हैं। निवर्तमान राष्ट्रपति जिमी मोराल पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और इस चुनाव में भ्रष्टाचार ही प्रमुख मुद्दा था। खुशी जाहिर करते हुए गियामाटेई ने कहा कि उनका लक्ष्य पूरा हुआ।
पूर्व जेल डायरेक्टर गियामाटेई के आलोचकों का कहना है कि गरीबी, भ्रष्टाचार और अवैध प्रवासी संकट से देश को निकालने के लिहाज से उनके पास पर्याप्त अनुभव नहीं है। हालांकि, चुनाव पूर्व के अनुमानों से उलट वह सत्ता पर काबिज हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्वाटेमाला में इस बार मतदाताओं ने कुछ खास उत्साह नहीं दिखाया और सिर्फ 41 फीसदी ही मतदान हुआ है। 2015 में इसके उल्ट भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर मतदान हुआ था।
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