
नई दिल्ली। ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति जिमी मोराल्स ने इजरायल में अपने देश के दूतावास को मई में तेलअवीव से जेरुसलम स्थानांतरित करने की घोषणा की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोराल्स ने यह घोषणा रविवार को वाशिंगटन में अमरीकी इजरायल लोक मामलों की समिति के वार्षिक नीति सम्मेलन में की। उनके ऐलान का वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
ट्रंप के फैसले को दिया साहसी करार
मोराल्स ने कहा कि एक सार्वभौम फैसले के तौर पर, हम जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देते हैं। उन्होंने कहा कि इस साल मई में, हम इजरायल की 70वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं और मेरे निर्देशों के तहत अमरीकी दूतावास के स्थानांतरण के दो दिन बाद ग्वाटेमाला अपने दूतावास को स्थायी तौर पर जेरुसलम स्थानांतरित कर देगा। पिछले साल दिसंबर में मोराल्स ने कहा था कि वह इस कदम को उठाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू से बात की थी और उनके विदेश मंत्रालय से इसे संभव बनाने के लिए प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश दिया था। मोराल्स ने ट्रंप के फैसले को साहसी करार दिया था।
अमरीका ने की थी घोषणा
बता दे कि पिछले दिनों अमरीका के रक्षा मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा था कि विदेश विभाग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 'तत्काल' कार्य करेगा और इजरायल में अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से जेरुसलम स्थानांतरित की तैयारी शुरू करेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने एक टेलीविजन भाषण में जेरुसलम को आधिकारिक तौर पर इजरायल की राजधानी घोषित किया और विदेश विभाग को इस शहर में अमरीकी दूतावास स्थानांतरित करने का आदेश भी दिया था,। इस फैसले का इजरायल में स्वागत हुआ था, लेकिन ट्रंप की इस घोषणा के तुरंत बाद अरब और यूरोपीय देशों से विरोध के स्वर उठे और व्यापक आलोचनाएं आईं थी, जिन्होंने इस तरह के कदम से मध्य पूर्व में तनाव और टकराव में वृद्धि की आशंका जताई थी।