अमरीका के यहूदी प्रार्थना गृह में एक संदिग्ध ने घुस कर शनिवार को गोलीमार कर 11 लोगों की हत्या कर दी थी
वेटिकन सिटी। अमरीका के यहूदी प्रार्थना गृह में हुए घातक हमले को पोप फ्रांसिस ने रविवार को हिंसा का एक अमानवीय कृत्य करार दिया है। पोप ने ऐसा कह कर यहूदी समुदाय के प्रति अपनी एकजुटता भी दिखायी है। गौरतलब है कि अमरीका के यहूदी प्रार्थना गृह में एक संदिग्ध ने घुस कर शनिवार को गोलीमार कर 11 लोगों की हत्या कर दी। जिस समय यह घटना हुई उस वक्त वहां बच्चे के नामकरण संस्कार से संबंधित समारोह का आयोजन किया गया था। पकड़े गए संदिग्ध के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया गया है।
यहूदी विरोधी हमला
अमरीका के हाल के इतिहास में यह पहला घातक यहूदी विरोधी हमला है। सेंट पीटर्स स्क्वॉयर में प्रार्थना के बाद पोप ने कहा कि वास्तव में हिंसा के इस अमानवीय कृत्य से हम सभी घायल हुए हैं। ईश्वर हमें समाज में विकसित नफरत की आग को समाप्त करने, मानवता की भावना को मजबूत करने,नैतिक और नागरिक मूल्यों और जीवन के प्रति सम्मान एवं ईश्वर के प्रति भय को दूर करने में मदद करें ।’
11 लोग मारे गए और छह घायल हो गए
घटना के अनुसार हमले से पूर्व हमलावर रॉबर्ट बोअर्स (46) भवन में घुसा और चिल्लाया ‘सभी यहूदियों को मर जाना चाहिए।’ इसके बाद उसने गोलीबारी शुरू कर दी,जिसमें 11 लोग मारे गए और छह घायल हो गए। इस बीच अमरीका के पेंसिल्वेनिया के जिले में अमरीका के अटॉर्नी ऑफिस ने एक बयान में कहा कि हमलावर रॉबर्ट बोअर्स के खिलाफ लगे आरोपों में धार्मिक मान्यताओं को मानने में रुकावट पैदा करने,इसके परिणामस्वरूप किसी की मौत हो जाने से जुड़े 11 आरोप और हिंसा के किसी अपराध में हत्या करने के लिए बंदूक के उपयोग से जुड़े 11 आरोप लगाए गए हैं।