
अमरीका में यहूदियों पर बड़ा हमला, शोक में आधे झुकाए गए झंडे
अमरीका के पिट्सबर्ग शहर में हथियार से लैस एक व्यक्ति ने यहूदियों के प्रार्थना स्थल में घुसकर गोलीबारी की। इसमें 11 लोगों की जान चली गई और चार पुलिसकर्मियों समेत छह अन्य घायल हो गए। अमरीका के इतिहास में इसे यहूदियों पर अब तक का बड़ा हमला माना जा रहा है।
इस गोलीबारी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘यहूदी विरोधी कदम’ करार दिया है और दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की। ट्रंप ने व्हाइट हाउस, सार्वजनिक मैदानों, सैन्य चौकियों, नौसैन्य केंद्रों और जहाजों पर लगे झंडे मृतकों के प्रति ‘शोक सम्मान’ में 31 अक्टूबर तक आधे झुकाने का का आदेश भी दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- बंदूकधारी की पहचान 46 वर्षीय रॉबर्ट बोअर्स के रूप में हुई है। उसने पिट्सबर्ग के स्क्विरल हिल स्थित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ कॉन्ग्रिग्रेशन सिनगॉग पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है।
शहर के जन सुरक्षा निदेशक वेंडेल हिसरिच के अनुसार- इस गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों और मृतकों में कोई बच्चा शामिल नहीं था। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- बंदूकधारी पर हिंसा एवं आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल से जुड़े संघीय अपराधों के 29 आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी एफबीआई मामले की जांच ‘घृणा अपराध’ के आधार पर कर रही है। खबर है कि गोली चलाने से पहले बोअर्स ने चिल्लाकर कहा था, ‘सभी यहूदियों को मर जाना चाहिए।’ एफबीआई के पिट्सबर्ग प्रभारी विशेष एजेंट बॉब जोन्स के अनुसार- जांच अभी शुरुआती चरण में है।
Published on:
28 Oct 2018 05:07 pm
