
चीन (China) में बना शॉर्ट वीडियो होस्टिंग ऐप टिकटॉक (TikTok) यूथ और बच्चों में काफी पॉपुलर तो है ही, साथ ही विवदों में भी। दुनियाभर में यह ऐप अपने वीडियो शेयरिंग फॉर्मेट की वजह से काफी पॉपुलर है, पर सिक्योरिटी और प्राइवेसी कारणों से विवादों में भी चल रहा है। भारत (India) में इसी वजह से इसे जून 2020 में बैन कर दिया जा चुका है। भारत में बैन के बाद ही इस चाइनीज़ ऐप से जुड़ा विवाद बढ़ा हो गया था। भारत में टिकटॉक बैन का बड़ा असर पड़ा और इसके चलते दुनिया के कई और देश भी टिकटॉक से सतर्क हो गए थे। कुछ समय पहले टिकटॉक के खिलाफ अमरीका (United States Of America) में एक बड़ा कदम उठाया गया और टिकटॉक को बैन करने के मामले में मोन्टाना (Montana) पहला अमरीकी राज्य बना।
टिकटॉक ने किया मुकदमा दर्ज
मोन्टाना में टिकटॉक पर लगे बैन के खिलाफ टिकटॉक ने मुकदमा करने का फैसला लिया है। टिकटॉक ने सोमवार को अमरीका के फेडरल कोर्ट में मोन्टाना में टिकटॉक पर लगे बैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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टिकटॉक के प्रवक्ता ने जताया जीत का भरोसा
मुकदमा दर्ज कराने के बाद टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने इस बारे में बातचीत की। प्रवक्ता ने मोन्टाना राज्य में शॉर्ट वीडियो होस्टिंग ऐप पर लगे बैन को गलत बताया। साथ ही इस मुकदमे में जीत का भरोसा भी जताया।
मोन्टाना में क्यों किया गया टिकटॉक को बैन?
मोन्टाना में टिकटॉक को उसी वजह से बैन किया गया, जिस वजह से इसे भारत में बैन किया गया था। मोन्टाना के लॉ मेकर्स मानते हैं कि टिकटॉक चाइनीज़ कम्युनिस्ट पार्टी का एक टूल है जिसका इस्तेमाल प्राइवेट इन्फॉर्मेशन की चोरी के लिए किया जाता है। चीन इस प्राइवेट इन्फॉर्मेशन का गलत काम में भी इस्तेमाल कर सकता है। इसी वजह से मोन्टाना में टिकटॉक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। इससे पहले अमरीका में सभी सरकारी डिवाइसेज़ से भी टिकटॉक को बैन करने का फैसला लिया जा चुका है।
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