डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि लेकिन ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लंबे समय तक गिरफ्तार रखा जाएगा।
अवैध शरणार्थियों पर गोली चलाने के ट्रंप के निर्णय की आलोचना होने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया है। खबरों के अनुसार- अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि देश में अवैध शरणार्थियों को प्रवेश से रोकने के लिए तैनात सैनिक उन पर गोली नहीं चलाएंगे। लेकिन यदि वे सेना पर पथराव करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
जबकि इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि यदि लोग सैनिकों पर पथराव करते हैं तो मैक्सिको के साथ दक्षिण पश्चिम सीमा पर तैनात सेना लोगों पर गोलियां चला सकती है। ट्रंप की इस टिप्पणी की मानवाधिकार संगठनों व अन्य प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक संगठनों ने कड़े शब्दों में आलोचना की थी।
एक अनुमान के अनुसार- तीन लैटिन अमरीकन देशों अल साल्वाडोर, होंडुरास और ग्वाटेमाला से पांच से सात हजार की संख्या के बीच शरणार्थियों का काफिला अमरीका की तरफ बढ़ रहा है।
अमरीका ने इन्हें रोकने के लिए दक्षिण-पश्चिम सीमा पर सेना की तैनाती की है। मीडिया द्वारा ट्रंप से काफिले पर गोली चलाने के बारे में सवाल करने पर उन्होंने कहा कि ‘नहीं, वे गोली नहीं चलाएंगे।'
उन्होंने कहा- "मैं नहीं चाहता कि लोग पत्थर फेंके।’ ट्रंप ने कहा कि- ‘मैक्सिको की सेना के साथ उन्होंने जो किया वह अपमानजनक है। लोगों ने उन पर पत्थर फेंके, कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। अगर वे हमारे साथ ऐसा करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें गोली मारी जाएगी, लेकिन ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लंबे समय तक गिरफ्तार रखा जाएगा।’ ट्रंप ने कहा कि- शासकीय आदेश के जरिए शरणार्थी नियमों में किए जा रहे बदलाव कानूनी हैं।
बता दें, अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शरणार्थियों को देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए हजारों अमरीकी सैनिकों को मैक्सिको सीमा पर तैनात करने के ट्रंप के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने इसे ‘राजनीतिक तमाशा' करार दिया था।