ट्रंप ने अपने एक साक्षात्कार में चीन को मामूली कहकर इसे तूल नहीं देने की गुजारिश की है
वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। उनके बीच चल रही ट्रेड वॉर के बारे में पूरी दुनिया को पता चल गया है कि दोनों देश इस समय कड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। मगर ट्रंप ने अपने एक साक्षात्कार में चीन को मामूली कहकर इसे तूल नहीं देने की गुजारिश की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमरीका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर पर भले ही दुनिया की नजर है,लेकिन अब ट्रंप इसे सिर्फ मामूली झड़प समझते हैं। उनके मुताबिक,यह युद्ध में नहीं बदलने वाला। अमरीका को ऊपर रखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि चीन चाहे भी तो उन्हें पलटकर जवाब नहीं दे सकता। इस बयान की मीडिया में चर्चा चल रहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका चीन के बढ़ते कद को देखते हुए,उसका मनोबल तोड़ना चाहता है।
अतिरिक्त शुल्क लगा सकते हैं ट्रंप
एक कार्यक्रम में ट्रंप ने चीन और अमरीका द्वारा लगातार आयातित वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाए जाने को महज एक झड़प बताते हुए कहा कि यह कोई संघर्ष या युद्ध नहीं है जैसा कि विशेषज्ञ कह रहे हैं। कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि वह चीन के साथ संतुलित व्यापार समझौते पर चर्चा करना चाहते हैं और उनकी इच्छा है कि अमरीका की तरह चीन भी सभी के लिए अपना बाजार खोल दे। चीन से आयातित 250 अरब डॉलर कीमत की वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगा चुके ट्रंप ने इस बात से बिल्कुल इनकार नहीं किया कि वह चीन से आयात होने वाले माल पर और शुल्क लगा सकते हैं।
चाहकर भी जवाब नहीं दे सकता चीन
कार्यक्रम में ट्रंप ने इसपर जोर दिया कि चीन के खिलाफ उनकी जीत होगी। एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि चीन यदि चाहे भी तो एक सीमा के बाद उसे अपनी हार माननी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं,लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे। उनके पास जवाबी कार्रवाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अमरीका उनके साथ 100 अरब डॉलर का व्यापार करता है। चीन उनके साथ 531 अरब डॉलर का व्यापार करता है।
शी मेरे अच्छे दोस्त
ट्रंप ने कहा कि यदि इसमें सुधार नहीं होता है तो संभवत:चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके संबंध अच्छे नहीं रह जाएंगे। ट्रंप बोले कि चीन के राष्ट्रपति के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं। उन्हें नहीं पता कि वह आगे भी जारी रहेंगे या नहीं। उन्होंने राष्ट्रपति शी को बताया कि वे व्यापार और अन्य माध्यमों से चीन को अमरीका से प्रतिवर्ष 500 अरब डॉलर नहीं ले जाने दे सकते हैं।