अमरीकी सेना का दावा खाड़ी में माइन लगाकर किया गया हमला पोम्पियों ने कहा, यह एक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड गश्ती नौका थी अफगानिस्तान में 31 मई को विस्फोट में ईरान का हाथ था
वाशिंगटन। अमरीका और ईरान के बीच लगातार संबंध तल्ख होते जा रहे हैं। हाल ही में अमरीकी सेना ने एक वीडियो फुटेज जारी किया है, जो साबित करता है कि खाड़ी में दो टैंकरों को नष्ट करने में ईरान का हाथ है। हवा से ली गई धुंधली काली और सफेद फुटेज में एक टैंकर के साथ एक छोटी सैन्य नाव दिखाई देती है और कोई व्यक्ति पतवार से टैंकर से किसी वस्तु को निकालने के लिए नाव के किनारे खड़ा दिखाई दे रहा है। छोटी नाव फिर टैंकर से दूर जाती है। अमरीकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह एक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड गश्ती नौका थी। थोड़ी देर बाद टैंकर में धमाका होता है। यह वस्तु किसी माइन की तरह देखी जा रही है।
ईरानी नाविक सबूत मिटाते हुए दिखाई दिए
बताया गया है हमले के बाद ईरानी नाविक सबूत मिटाते हुए भी दिखाई दिए। इस घटना ने फारस की खाड़ी से बाहर जाने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा पर सवाल उठा दिए हैं। अमरीकी सेना ने एक तस्वीर भी जारी की, जिसमें दावा किया गया कि टैंकर को उड़ाने के लिए माइन उपयोग किया गया। इससे पहले भी अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि दो टैंकरों पर विस्फोट में ईरानी सेना हाथ है।
धमाके में चार अमरीकी सैनिक घायल हुए
खुफिया जानकारी के आधार पर, इस्तेमाल किए गए हथियार, ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता के स्तर पर है। पोम्पियो ने कहा कि ईरान बीते महीने टैंकरों पर हमलों के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने अफगानिस्तान में 31 मई की कार बम विस्फोट की घटना का जिक्र किया। जिसमें अफगान नागरिक मारे गए और चार अमेरिकी सैनिकों को घायल कर दिया।उनका अरोप है कि यह हमला भी ईरान द्वारा किया गया था। हालांकि हमले का दावा तालिबान ने किया है।
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