अमरीकी अखबार ने चौकाने वाला खुलासा किया है। अखबार का दावा है कि विरोधी पक्ष के तीन सौ सैनिकों को जान से हाथ धोना पड़ा।
वाशिंगटनः अमरीका और रूस की दुश्मनी जगजाहिर है। फरवरी महीने में एक समय ऐसा आया जब अमरीकी और रूसी सैनिक करीब चार घंटे तक आमने-सामने रहे। इस भीषण लड़ाई में तोप से निकल रहे गोलो से बचने के लिए सैनिकों को फॉक्सहोल (गोलाबारी करने वाली खाई) से अपनी जान बचानी पड़ी। बताया जा रहा है कि अमरीकी कमांडो और सीरिया के सैनिकों के बीच फरवरी में भीषण लड़ाई हुई थी। सीरिया के पांच सौ सैनिकों में रूस के भी सैनिक शामिल थे। इस बात का खुलासा अमरीका के एक समाचार पत्र ने किया है। अखबार को मिले दस्तावेज में इस बात का जिक्र है कि सात फरवरी को सीरियाई सैनिकों और अमरीकी सैनिकों में जो युद्ध हुआ था उसमें रूसी सैनिक भी शामिल थे।
लड़ाई में अमरीका पड़ा भारी
अखबार का दावा है कि करीब पांच सौ सीरियाई सैनिकों के साथ लड़ाई में अमरीकी कमांडो भारी पड़े थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध में सीरिया के 200 से 300 सैनिक मारे गए थे। जबकि अमरीका के हवाई हमलों से बचने के लिए अन्य लड़ाकों को भागना पड़ा था। साक्षात्कार में एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि अमरीकी कमांडों को आत्मरक्षा के लिए फॉक्सहोल का सहारा लेना पड़ा और विरोधी पक्ष के करीब तीन सौ सैनिकों को मारना पड़ा।
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अमरीका के दावे पर विवाद
दरअसल 7 फरवरी को हुई लड़ाई में मृतकों की संख्या पर मतभेद है। रूस का दावा है कि इस लड़ाई में सिर्फ चार नागरिक मारे गए थे। सीरिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस लड़ाई में करीब सौ लोग मारे गए थे। इन सभी दावों के उलट अमरीका अखबार को मिले दस्तावेज में 200 से 300 सैनिकों के मारे जाने का जिक्र किया गया है।