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नई दिल्ली। सीरियाई सेना ने दमिश्क को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के चंगुल से पूरी तरह से मुक्त करा लिया है। मगर आईएसआई ने सीरिया को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। गौरतलब है कि दमिश्क को आईएस से मुक्त करवाने में सेना को सात वर्ष लग गए। आतंकियों के कब्जे से छूटने के बाद से दमिश्क के जो हालात सामने आए हैं। वह किसी को भी बदहवास कर सकता है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्डे,चारो तरफ खंडहर और मलबे में दबे लोगों केे समान। चारों तरफ पसरे सन्नाटे ने इस जगह को श्माशान बना दिया है।
राजधानी में मचाया आतंक
सीरिया के कई क्षेत्र पूरी तरह से तबाह से हो चुके हैं। सीरिया की राजधानी दमिश्क में ही आंतकियों ने इतनी तबाही मचाई है वहां पर चारों तरफ अब सिर्फ खंडहरों के दर्शन होते हैं। बच्चों के स्कूल, अस्पताल और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से चरमरा गया है। हजारों लोग सीरिया छोड़कर दूसरे देशों की शरण में हैं। यूरोप के कई देशों में सीरियाई निवासी अपना सबकुछ छोड़कर रह रहे हैं। सीरिया से आतंकियों को भगाए जाने के बावजूद उनका मन अब देश लौटने को नहीं करता है।
एक और प्राचीन शहर पाल्मायरा
दो वर्ष पहले ही सीरियाई सेना ने पाल्मायरा को अपने कब्जे में लिया था। पाल्मायरा यूनेस्को का एक वैश्विक धरोहर स्थल है। यहां कब्जे को लेकर आईएस और सेना के बीच करीब डेढ़ वर्ष तक युद्ध चला था। आईएस ने इस प्राचीन शहर को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था। इसके अलावा आईएस ने यहां पर स्थित 2000 वर्ष पुराने रोमन युग के एक प्राचीन मंदिर को भी नष्ट कर दिया था। यह मंदिर पाल्मायरा की प्रसिद्ध रंगभूमि से करीब 500 मीटर दूर स्थित था।
3250 लोग मारे गए थे
आईएस ने सीरिया में राका को अपनी स्वघोषित राजधानी बना रखा था। लेकिन बीते वर्ष अक्टूबर में चार महीने चले संघर्ष के बाद इसको भी आईएस के चंगुल से मुक्त करवा लिया गया था। इस लड़ाई में करीब 3250 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर यहां के आम नागरिक थे। इन मारे गए लोगों में एक तिहाई से अधिक आम नागरिक शामिल थे।
Published on:
23 May 2018 02:38 pm
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