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राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा बोलीं स्मृति ईरानी, आस्था को प्रमाणिकता की जरूरत नहीं

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि आस्था को कभी प्रामाणिकता की जरूरत नहीं पड़ती
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Updated: 7 Sep 2018, 7:58 PM IST
smriti irani
राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा बोलीं स्मृति ईरानी, आस्था को प्रमाणिकता की जरूरत नहीं

अमेठी. केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी रायबरेली-अमेठी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंची जहां उन्होंंने कांग्रेस के गढ़ में ही उसे ललकारा। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि आस्था को कभी प्रामाणिकता की जरूरत नहीं पड़ती। आस्था प्रभु के द्वार पर प्रभु और भक्त के बीच का सम्बंध होता है। न भगवान सार्टिफिकेट मांगता है न भक्त सार्टिफिकेट मांगता है। जो आज सार्टिफिकेश दे रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि ये भक्ति का मार्ग नहीं है बल्कि राजनैतिक सशक्तीकरण का एक प्रयास है।

सिद्धू ने जिस जरनल को गले लगाया वो आज भारत के खिलाफ उगल रहे जहर

अमेठी के जायस में स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान में उन्होंंने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के मुखिया ने सिद्धू साहब के पाकिस्तान के दौरे पर चुप्पी साध रखी। अब मुखिया क्या करेगें कि सिद्धू साहब के पाकिस्तान से लौटने के बाद पाकिस्तान भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। मैं समझ सकती हूं के एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू हैं जो उसी जरनल से गले लगते हैं। वह भारत के खिलाफ आज जहर उगल रहे। दूसरी तरफ मणिशंकर अय्यर हैं जिनकी सदस्यता को ख़ारिज करने का ढोंग राहुल जी ने गुजरात के चुनाव में रचा था। स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल का चीन के साथ सम्बंध अपने आप में इस बात को दर्शाता है के कांग्रेस भारत के पक्ष में कम चिंता करती है, विदेशी ताकतों की चिंता ज्यादा करती है।

अपने संसदीय क्षेत्र का ध्यान नही रख सकता

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा जो अपने संसदीय क्षेत्र का ध्यान नही रख सकता वो देश का ध्यान कैसे रखेगा। स्मृति ने कहा कि यहां के सांसद आलू से सोना निकल रहे थे लेकिन मैं गृहणी हूं। मैं वादा करती हूं कि जल्द ही खड़ी ग्रामोद्योग की मदद से आलू उत्पादक किसानों के लिए डायवर्सिफाइड इंडस्ट्री लगवाने की पूरी कोशिश करूंगी। प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली बार प्राथमिक विद्यालय के बच्चे बेंच और मेज पर बैठ कर पढ़ रहे है।

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7 Sep 2018, 7:58 PM IST
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