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दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इन वजहों से अहम रहेगा छत्तीसगढ़

भारतीय जनता पार्टी की 8 और 9 सितंबर को हो रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग हाईकमान के सामने प्रेजेंटेशन देंगे।

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रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की 8 और 9 सितंबर को हो रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग हाईकमान के सामने प्रेजेंटेशन देंगे। हाईकमान ने अभी पिछले दिनों हुई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में चुनावी राज्यों को सरकार और संगठन में खाली पदों पर कार्यकर्ताओं को तैनात करने और प्रदेश स्तर पर पैदा हो रहे असंतोष को खत्म करने की हिदायत दी थी, उस बारे में भी मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

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कार्यकारिणी में चुनावी राज्यों का अलग से विशेष सत्र होगा। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पार्टी हाईकमान ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनावी सर्वेक्षण कराया है। सर्वेक्षण के नतीजों के आधार पर दोनों राज्यों के भाजपा नेतृत्व से उनका आकलन मांगा गया है। राज्य के मुद्दों को लेकर प्रदेश इकाई की तैयारियों के बारे में पूछा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश भाजपा इकाई को निर्देश दिया गया है कि वे विपक्ष के आरोपों को तथ्यों से काटे और नक्सल, दलित व सवर्ण आंदोलन को लेकर जनता को यह समझाए कि कुछ राजनीतिक दल अपने राजनीतिक स्वार्थ को पूरा करने के लिए इसे समर्थन दे रहे हैं।

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कल्याणकारी योजनाओं पर होगा जोर
दोनों राज्य हाईकमान के सामने कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार और प्रसार के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यक्रमों का ब्योरा भी पेश किया जाएगा। दोनों राज्यों को केंद्र की मोदी और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का महत्व जमीन तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में छोटे बड़ कार्यक्रम करने के लिए कहा गया था। साथ ही कार्यकत्र्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने को लेकर भी हाईकमान की ओर से प्रदेश नेतृत्व को सख्त हिदायत दी गई थी।