
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाले बूथों पर राहुल और अमित शाह की नजर
रायपुर. छत्तीसगढ़ की पुरानी सीटों में से एक रायपुर ग्रामीण की तासीर कस्बाई है। बड़े गांव, कस्बे और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रवासी आबादी मिलकर यहां की राजनीति का चेहरा तय करते हैं। पिछले दो चुनावों से यहां भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है।
महत्त्वाकांक्षा की बिसात पर नजदीकी मुकाबले की सीट
नजदीकी मुकाबले वाली इस सीट पर महत्वाकांक्षाओं की बिसात बिछी है। पिछला चुनाव हार चुके पूर्व विधायक नंद कुमार साहू भाजपा से फिर से दावेदार हैं। वहीं आरडीए अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव, रायपुर के पूर्व महापौर सुनील सोनी, प्रमोद साहू, मोतीलाल साहू, शांतनु साहू और शिवजलम दुबे इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने का दावा पेश कर रहे हैं।
तर्क है कि अगर जातीय वोटरों के भरोसे जीत मिलती तो सत्यनारायण शर्मा यहां से चुनाव नहीं जीत पाते। कांग्रेस में मौजूदा विधायक सत्यनारायण शर्मा के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। हालांकि उनके दो पूर्व साथियों ने कांग्रेस से टिकट मांगा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने शर्मा के कभी सहयोगी रहे ओमप्रकाश देवांगन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक डॉ. संकेत ठाकुर इसी सीट से उम्मीदवार हैं। बसपा के एमके मधुकर ने भी इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जता दी है।
इस वजह से जीत की उम्मीद
ग्रामीण क्षेत्र में साहू वोटरों की बहुतायत है। नंद कुमार साहू को इस जातीय समीकरण पर भरोसा है, तो सत्यनारायण शर्मा अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त हैं। ओम प्रकाश देवांगन स्थानीय मुददों पर हैं तो आप के संकेत ठाकुर को दिल्ली सरकार के कामों और सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से पर वोट मिलने की उम्मीद है।
पिछले चुनाव का ऐसा था हाल
पिछले चुनाव में एंटी इन्कंबेंसी का माहौल रहा। कड़े मुकाबले में कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा ने भाजपा के सीटिंग विधायक नंद कुमार साहू को 1861 मतों के अंतर से हराया। शर्मा 2008 का चुनाव नंद कुमार साहू से हारे थे।
Updated on:
6 Sep 2018, 2:38 PM IST
Published on:
6 Sep 2018, 2:20 PM IST
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