Punjab News: कानूनी हथकंडे अपनाकर (Nirbhaya Rape Case) निर्भया गैंगरेप दोषी बीते दिनों (Nirbhaya Rape Case Accused) फांसी की तारीख की घोषणा (Nirbhaya Rape Case Hearing) होने के बाद भी उसे टलवाने में सफल रहे। लेकिन इस (Amritsar Central Jail) मामले की चल रही कड़ी सुनवाई से कहीं ना कहीं ऐसे दोषियों में भय (3 Prisoner Escaped From Amritsar Central Jail) है...
(अमृतसर): भारत की जनता लंबे समय से यह मांग करती आ रही हैं कि बालात्कार जैसे घृणित अपराध के दोषियों को बिना देरी के सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। जिससे महिलाओं के प्रति कुंठित मानसिकता रखने वाले लोगों में कानून का डर बरकरार रहे। लेकिन अफसोस है कि देश को हिला देने वाले निर्भया कांड के दोषियों की फांसी जिस पर पूरे देश की नजर है वह अभी भी टलती जा रही है। कानूनी हथकंडे अपनाकर दोषी बीते दिनों फांसी की तारीख की घोषणा होने के बाद भी उसे टलवाने में सफल रहे। लेकिन इस मामले की चल रही कड़ी सुनवाई से कहीं ना कहीं ऐसे दोषियों में भय है। ताजा मामला अमृतसर से सामने आया जहां दुष्कर्म के मामले में ट्रायल का सामना कर रहा आरोपी फांसी होने के डर से जेल से फरार हो गया। वह अपने साथ दो लोगों को भी भगाकर ले गया।
पुलिस कर रही पूछताछ...
अमृतसर सेंट्रल जेल जहां से शनिवार देर रात तीन कैदी फरार हो गए। रविवार सुबह जब कैदियों की उपस्थिति दर्ज की गई तो भागने का पता चला। जानकारी के अनुसार तीनों ने रात करीब 3 बजे घटना को अंजाम दिया। जेल प्रशासन द्वारा कैदियों के भागने की सूचना दिए जाने के बाद अमृतसर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर कैदियों की तलाश शुरू कर दी है। इस बीच प्रशासन शनिवार रात जेल में ड्यूटी पर तैनात मुलाजिमों से भी कड़ी पूछताछ कर रहा है।
यह तीन हुए फरार...
जानकारी के अनुसार अमृतसर जेल में बंद दो सगे भाई गुरप्रीत सिंह गोपी और जरनैल सिंह चोरी के मामले में बंद थे जबकि तीसरा कैदी विशाल शर्मा दुष्कर्म के मामले में ट्रायल का सामना कर रहा था। इस बात की भी चर्चा है कि जेल से भागने का प्लान विशाल शर्मा ने बनाया क्योंकि निर्भया केस में दोषियों को फांसी की सजा को लेकर वह काफी दिनों से परेशान चल रहा था। उसे लग रहा था कि दुष्कर्म के मामले में उसे भी फांसी की सजा हो सकती है।
सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश...
अमृतसर केंद्रीय जेल ब्रेक मामले में सीएम अमरिंदर सिंह ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जेल मंत्री से दोषी कर्मचारियों को बर्खास्त करने को कहा है। बता दें कि अमृतसर जेल पंजाब की बेहद ही संवेदनशील जेल है। इसी लिहाज से यहां सुरक्षा-व्यवस्था भी कड़ी रहती है। ऐसे में कैदियों का भाग जाना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। हाल ही अमृतसर जेल में सीआरपीएफ की तैनाती भी की गई थी।